Why did Sensex Crash Today? सेंसेक्स 1000+ अंक धड़ाम! भारतीय शेयर बाजार में आज क्यों मची खलबली? ये हैं 5 मुख्य कारण।
Why did Sensex Crash Today Introduction: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन (25 फरवरी 2026) बेहद निराशाजनक रहा। बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव देखा गया और देखते ही देखते सेंसेक्स 1069 अंक (1.3%) गिरकर 82,226 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 288 अंक फिसलकर 25,425 के स्तर पर आ गया। इस गिरावट की वजह से निवेशकों को करीब 3.6 लाख करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है।
अगर आप सोच रहे हैं कि ‘Why did Sensex crash today?‘, तो इसके पीछे कोई एक कारण नहीं बल्कि कई ग्लोबल और डोमेस्टिक फैक्टर्स जिम्मेदार हैं। विशेष रूप से IT सेक्टर में आई गिरावट ने पूरे बाजार का मूड बिगाड़ दिया। आइए जानते हैं विस्तार से।
1. IT शेयरों में ‘रक्तपात’ (IT Stocks Bloodbath)
Why did Sensex Crash Today आज की गिरावट की सबसे बड़ी वजह IT सेक्टर रहा।
- AI का डर: ‘Anthropic’ जैसी बड़ी AI कंपनी ने अपना नया कोडिंग टूल (Claude Code) लॉन्च किया है, जिससे निवेशकों को डर है कि पारंपरिक IT कंपनियों (जैसे TCS, Infosys) का बिजनेस भविष्य में कम हो सकता है।
- असर: इंफोसिस और टीसीएस जैसे बड़े शेयरों में 4% से 7% तक की गिरावट देखी गई, जिससे पूरा निफ्टी आईटी इंडेक्स धराशायी हो गया।
2. ट्रंप की नई टैरिफ नीति (US Tariff Threats)
Why did Sensex Crash Today अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नए ‘नेशनल सिक्योरिटी टैरिफ’ के संकेतों ने वैश्विक बाजारों में हलचल पैदा कर दी है।
- Trade War: अमेरिका के इस सख्त रुख से वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बढ़ गई है। भारत जैसे निर्यातक देशों के लिए यह एक नकारात्मक संकेत है, जिसके चलते विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार से पैसे निकालना शुरू कर दिया है।
3. अमेरिका-ईरान तनाव (Geopolitical Tensions)
Why did Sensex Crash Today मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव बाजार के लिए नई मुसीबत बनकर उभरा है।
- ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते जुबानी जंग और युद्ध की आहट ने कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उछाल की आशंका बढ़ा दी है।
- असर: भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से रुपया कमजोर होता है और शेयर बाजार पर दबाव बढ़ता है।
4. अमेरिकी बाजारों की गिरावट (Global Cues)
Why did Sensex Crash Today बीती रात अमेरिकी बाजार (Wall Street) भारी गिरावट के साथ बंद हुए थे। खासकर टेक शेयरों वाले ‘नैस्डैक’ (Nasdaq) में बड़ी बिकवाली देखी गई। चूंकि भारतीय IT सेक्टर पूरी तरह से अमेरिकी मांग पर निर्भर है, इसलिए वहां की गिरावट का सीधा असर आज हमारे सेंसेक्स पर दिखा।
5. मंथली एक्सपायरी (F&O Expiry)
Why did Sensex Crash Today जिससे बाजार में बिकवाली और तेज हो गई।
4. निवेशकों को अब क्या करना चाहिए? (Expert Advice)
- पैनिक न करें: जब बाजार 1000 अंक गिरता है, तो डरकर घाटे में शेयर बेचना सबसे बड़ी गलती हो सकती है।
- अच्छे शेयरों को होल्ड करें: अगर आपने अच्छे फंडामेंटल वाली कंपनियों में निवेश किया है, तो लंबे समय के लिए बने रहें।
- खरीदारी का मौका: गिरावट में अच्छे शेयर सस्ते मिल रहे हैं, ऐसे में आप धीरे-धीरे ‘बाय ऑन डिप्स’ (Buy on Dips) की रणनीति अपना सकते हैं।
5. अक्सर पूछे जाने वाले 5 प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: आज सेंसेक्स में कितनी गिरावट आई?
उत्तर: सेंसेक्स आज 1069 अंकों की भारी गिरावट के साथ 82,226 पर बंद हुआ।
प्रश्न 2: IT शेयर आज सबसे ज्यादा क्यों गिरे?
उत्तर: AI टूल्स के आने से IT कंपनियों के काम पर असर पड़ने के डर और अमेरिकी टेक मार्केट में गिरावट की वजह से IT शेयरों में बिकवाली रही।
प्रश्न 3: क्या बाजार और गिर सकता है?
उत्तर: निफ्टी के लिए 25,300 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट है। अगर बाजार इसके नीचे जाता है, तो थोड़ी और गिरावट संभव है।
प्रश्न 4: ट्रंप के टैरिफ का भारतीय कंपनियों पर क्या असर होगा?
उत्तर: इससे भारतीय कंपनियों के लिए अमेरिका में अपना सामान या सेवाएं बेचना महंगा हो सकता है, जिससे उनके मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
प्रश्न 5: आज निवेशकों के कितने पैसे डूबे?
उत्तर: आज की गिरावट से निवेशकों की लगभग 3.6 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति कम हो गई।
Conclusion: संयम रखें, बाजार फिर संभलेगा!
Why did Sensex crash today का जवाब वैश्विक अनिश्चितता और तकनीकी बदलावों में छिपा है। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव एक सामान्य प्रक्रिया है। समझदार निवेशक ऐसी गिरावट को घबराहट की जगह एक अवसर के रूप में देखते हैं।
Why did Sensex crash today रणतिवार, 24 फरवरी 2026 का दिन भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था। बीएसई सेंसेक्स ने एक बार फिर निवेशकों को निराश किया और यह 1,068.74 अंक यानि 1.28% की भारी गिरावट के साथ 82,225.92 के स्तर पर बंद हुआ. इसके साथ ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 288.35 अंक यानी 1.12% फिसलकर 25,424.65 पर आ गया. कारोबार के दौरान तो स्थिति और भी गंभीर हो गई थी, जब सेंसेक्स एक समय 1,360 अंक तक लुढ़क गया था.
इस भारी बिकवाली से निवेशकों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। बीते एक साल से जारी इस गिरावट ने एक बार फिर उनकी जेब पर सीधा वार किया है। बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैपिटलाइज़ेशन) की बात करें तो निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है। मंगलवार को कुल मिलाकर निवेशकों के 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक डूब गए . कुल मिलाकर, बाजार की इस तेज गिरावट के पांच मुख्य कारण सामने आए हैं।
1. आईटी शेयरों में भारी बिकवाली (Massive Sell-off in IT Stocks)
Why did Sensex crash today गिरावट की सबसे बड़ी वजह सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के शेयरों में हुई भारी बिकवाली रही। निवेशकों को डर सता रहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते दखल से पारंपरिक आईटी सेवाओं के कारोबार पर असर पड़ेगा और कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ेगा. इसी आशंका के चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स में जबरदस्त गिरावट आई और यह 4.7% लुढ़क गया। यह अगस्त 2023 के बाद का सबसे निचला स्तर है. फरवरी के महीने में अब तक यह इंडेक्स 21% टूट चुका है, जो पिछले 23 वर्षों में इसका सबसे खराब प्रदर्शन है.
टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) जैसे दिग्गज आईटी स्टॉक्स 2.6% से 6.6% के बीच टूटे . गिरावट का यह सिलसिला अकेले मंगलवार को ही आईटी कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में 1.2 लाख करोड़ रुपये की कमी ले आया .
2. अमेरिकी टैरिफ और व्यापार युद्ध की आशंका (US Tariff and Trade War Fears)
Why did Sensex crash today घरेलू बाजार पर वैश्विक व्यापार को लेकर बढ़ती अनिश्चितता का भी भारी दबाव रहा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ को लेकर चेतावनी और नए व्यापार समझौतों पर दोबारा बातचीत की संभावना ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है. खबर है कि भारत ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार वार्ता को फिलहाल टाल दिया है, वहीं चीन और यूरोपीय संघ ने भी हालिया टैरिफ घटनाक्रमों के खिलाफ आवाज उठाई है. इससे निर्यातोन्मुखी कंपनियों पर दबाव बढ़ गया है।
Why did Sensex crash today इसके अलावा, भारत सरकार द्वारा निर्यात से जुड़ी कर छूट योजना (आरओडीटीईपी) के तहत मिलने वाले लाभों को आधा करने का फैसला भी भारी पड़ा, जिससे कपड़ा निर्यातक कंपनियों के शेयरों में 3.6% से 5.6% की गिरावट देखी गई.
3. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें (Rising Crude Oil Prices)
Why did Sensex crash today कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण आपूर्ति बाधित होने के जोखिम के बीच ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 72 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जो करीब सात महीने का उच्चतम स्तर है. भारत अपनी 90% पेट्रोलियम जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है, ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी सीधे तौर पर देश के आयात बिल और महंगाई दर पर दबाव बनाती है.
4. कमजोर वैश्विक संकेत और एफआईआई की बिकवाली (Weak Global Cues and FII Selling)
Why did Sensex crash today घरेलू बाजार पर अमेरिका और एशियाई बाजारों की कमजोरी का भी साथ साथ असर पड़ा। सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार करीब 2% की गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिसका सीधा असर मंगलवार को भारतीय बाजार पर देखने को मिला. हालांकि मंगलवार को एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख रहा, लेकिन यूरोपीय बाजारों में गिरावट का रुख रहा.
Why did Sensex crash today विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली से बाजार में और नकारात्मकता आई। हाल के महीनों में एफआईआई लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। हालांकि सोमवार को एफआईआई ने 3,483.70 करोड़ रुपये की खरीदारी की, लेकिन पिछले एक साल में उनकी कुल बिकवाली 23 अरब डॉलर के पार जा चुकी है, जो बाजार के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है.
5. रियल्टी सेक्टर पर दबाव और तकनीकी कारण (Pressure on Realty and Technical Factors)
Why did Sensex crash today आईटी सेक्टर की गिरावट का असर रियल्टी सेक्टर पर भी देखने को मिला। विश्लेषकों का मानना है कि आईटी क्षेत्र में लंबे समय तक बने रहने वाले तनाव से इस क्षेत्र के कर्मचारियों की कमाई पर असर पड़ सकता है, जिससे घर और कारों की मांग पर भी असर पड़ने की आशंका है. इसी डर से निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 2.5% से अधिक गिर गया.
Why did Sensex crash today बाजार में बनी इस मंदी के बीच बाजार की व्यापक भागीदारी काफी कमजोर रही। बीएसई पर 2,889 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि सिर्फ 1,344 शेयरों में तेजी रही. तकनीकी पक्ष पर नजर डालें तो निफ्टी में गिरावट का सिलसिला जारी है और विश्लेषकों का मानना है कि 25,300 का स्तर इसके लिए अहम सपोर्ट है, जिसके नीचे जाने पर और गिरावट आ सकती है
मंगलवार को आई इस गिरावट ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि वैश्विक अनिश्चितताएं और घरेलू कारक मिलकर बाजार की दिशा तय कर रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी और निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के हेड ऑफ रिसर्च (वेल्थ मैनेजमेंट), सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि मौजूदा वैश्विक उथल-पुथल में निवेशकों को बैंकिंग, एफएमसीजी और अस्पताल जैसे घरेलू क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जो एआई से होने वाले व्यवधान से अपेक्षाकृत सुरक्षित हैं .
अस्वीकरण: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है, इसलिए कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले एक प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श करना उचित होगा।
