PM E-DRIVE Scheme 2026: इलेक्ट्रिक वाहन खरेदीवर सरकार देतंय मोठी सवलत! जाणून घ्या संपूर्ण माहिती.
PM E-DRIVE Scheme 2026: वाढत्या प्रदूषणामुळे आणि पेट्रोलच्या वाढत्या किमतींमुळे सध्या इलेक्ट्रिक वाहनांची (EV) मागणी प्रचंड वाढली आहे. हीच गरज ओळखून भारत सरकारने PM E-DRIVE Scheme सुरू केली आहे. ही योजना जुन्या FAME योजनेची जागा घेत असून २०२६ पर्यंत ती कार्यान्वित राहणार आहे. तुम्ही जर नवीन इलेक्ट्रिक दुचाकी किंवा तीन-चाकी वाहन घेण्याचा विचार करत असाल, तर ही योजना तुमच्यासाठी फायदेशीर ठरणार आहे.
१. PM E-DRIVE योजना नेमकी काय आहे?
.PM E-DRIVE Scheme 2026: या योजनेसाठी सरकारने साधारण १०,९०० कोटी रुपयांची तरतूद केली आहे. या योजनेचा मुख्य उद्देश इलेक्ट्रिक वाहनांची किंमत कमी करणे आणि देशात चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत करणे हा आहे.
योजनेचा कालावधी:
PM E-DRIVE Scheme 2026: ही योजना १ ऑक्टोबर २०२४ ला सुरू झाली असून ३१ मार्च २०२६ रोजी संपणार आहे. त्यामुळे सबसिडीचा लाभ घेण्यासाठी ही शेवटची काही महिने अत्यंत महत्त्वाची आहेत.
२. कोणाला किती सबसिडी मिळणार? (Incentive Details)
२०२५-२६ या आर्थिक वर्षासाठी सबसिडीचे दर खालीलप्रमाणे आहेत:
| वाहनाचा प्रकार | २०२५-२६ सबसिडी दर | महत्तम मर्यादा (Cap) |
| इलेक्ट्रिक २-चाकी (e-2W) | ₹२,५०० प्रति kWh | ₹५,००० पर्यंत |
| इलेक्ट्रिक ३-चाकी (e-3W/Rickshaw) | ₹२,५०० प्रति kWh | ₹२५,००० पर्यंत |
| L5 श्रेणी (High Speed Auto) | ₹५,००० प्रति kWh | ₹५०,००० पर्यंत |
टीप: २०२४-२५ च्या तुलनेत २०२५-२६ मध्ये सबसिडीचे दर निम्मे झाले आहेत, त्यामुळे लवकरात लवकर खरेदी करणे फायदेशीर ठरेल.
३. सबसिडी मिळवण्याची प्रक्रिया (E-Voucher System)
PM E-DRIVE Scheme 2026: या योजनेत पारदर्शकता आणण्यासाठी सरकारने Aadhaar-based e-Voucher प्रणाली सुरू केली आहे.
- गाडीची निवड: सर्वप्रथम PM E-DRIVE अंतर्गत नोंदणीकृत असलेल्या मॉडेलची निवड करा.
- e-KYC: डीलर तुमच्या आधार कार्डद्वारे ई-केवायसी (Face Recognition/OTP) करेल.
- v-Voucher जनरेशन: तुमच्या नोंदणीकृत मोबाईलवर एक लिंक येईल, त्यावरून ई-वाउचर डाऊनलोड करा.
- डिस्काउंट: हे वाउचर डिजिटल स्वाक्षरी करून डीलरला दिल्यास, गाडीच्या किमतीतून सबसिडीची रक्कम त्वरित वजा केली जाईल.
४. आवश्यक पात्रता आणि कागदपत्रे
- अर्जदार भारतीय नागरिक असावा.
- वाहनामध्ये ‘Advanced Battery’ (उदा. Lithium-ion) असणे अनिवार्य आहे.
- कागदपत्रे: आधार कार्ड, मोबाईल नंबर (आधारशी लिंक असलेला), आणि पॅन कार्ड.
५. चार्जिंग स्टेशन्ससाठी मोठी तरतूद
PM E-DRIVE Scheme 2026: या योजनेत केवळ गाड्यांनाच नाही, तर चार्जिंग स्टेशन्स उभारण्यासाठी सुद्धा ₹२,००० कोटी दिले जात आहेत. यामुळे शहरांसोबतच महामार्गांवर सुद्धा चार्जिंगची भीती (Range Anxiety) दूर होणार आहे.
निष्कर्ष (Conclusion)
PM E-DRIVE Scheme 2026 ही पर्यावरणाचे रक्षण आणि सामान्य माणसाच्या खिशाला परवडणारी वाहतूक व्यवस्था निर्माण करण्यासाठी एक क्रांतिकारी पाऊल आहे. मार्च २०२६ पर्यंत ही योजना सुरू राहणार असल्याने, इलेक्ट्रिक क्रांतीचा भाग होण्याची हीच योग्य वेळ आहे.
PM E-DRIVE स्कीम 2026: इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने पर कितनी मिलेगी सब्सिडी? पूरी जानकारी
परिचय
PM E-DRIVE Scheme 2026: भारत सरकार लगातार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने और देश को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी कड़ी में फेम (FAME) योजना के बाद शुरू की गई पीएम ई-ड्राइव स्कीम (PM E-Drive Scheme) इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदारों के लिए एक वरदान साबित हो रही है। यह योजना न केवल आम जनता को ई-वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित करती है, बल्कि देश में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी विकास को भी गति प्रदान कर रही है।
अगर आप भी इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने का विचार कर रहे हैं और सब्सिडी की पूरी जानकारी चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए बेहद उपयोगी है। यहां हम PM E-DRIVE स्कीम 2026 से जुड़ी हर अहम बात को विस्तार से समझाएंगे, जैसे कि सब्सिडी की दरें, पात्रता, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और हालिया बजट 2026 में हुए बड़े ऐलान .
क्या है PM E-DRIVE स्कीम?
PM E-DRIVE Scheme 2026: का पूरा नाम Pradhan Mantri Electric Drive Revolution in Innovative Vehicle Enhancement है। यह केंद्र सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय (Ministry of Heavy Industries) द्वारा संचालित एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे 1 अक्टूबर 2024 को लॉन्च किया गया था। इस योजना ने फेम (FAME-II) और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम (EMPS-2024) की जगह ली है। इसका मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआती लागत को कम करना और देशभर में ईवी को अपनाने की रफ्तार को तेज करना है .
इस योजना का कुल परिव्यय (financial outlay) 10,900 करोड़ रुपये है, जो इसे भारत का सबसे महत्वाकांक्षी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कार्यक्रमों में से एक बनाता है .
PM E-DRIVE स्कीम की मुख्य बातें (Key Highlights)
PM E-DRIVE Scheme 2026: यह योजना सिर्फ वाहन खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पूरे ईवी इकोसिस्टम को विकसित करने पर जोर दिया गया है। इसके तहत निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है :
- मांग प्रोत्साहन (Demand Incentives): ई-2 व्हीलर, ई-3 व्हीलर, ई-बस, ई-ट्रक और ई-एंबुलेंस की खरीद पर सब्सिडी दी जाती है।
- चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर: देशभर में पब्लिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान ।
- टेस्टिंग एवं सर्टिफिकेशन: वाहनों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए टेस्टिंग सुविधाओं के विकास हेतु 780 करोड़ रुपये ।
- पर्यावरणीय लक्ष्य: जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना और 2070 के नेट-जीरो लक्ष्य की प्राप्ति में योगदान देना ।
योजना की समयसीमा और विस्तार (Scheme Extension)
PM E-DRIVE Scheme 2026: शुरुआत में यह योजना 31 मार्च 2026 तक ही लागू थी। लेकिन सरकार ने अगस्त 2025 में इसे दो साल के लिए बढ़ाने का फैसला किया। अब यह योजना 31 मार्च 2028 तक प्रभावी रहेगी। हालांकि, यह विस्तार सभी वर्गों के लिए एक समान नहीं है :
- दोपहिया (2W) और तिपहिया (3W): इन वाहनों पर मिलने वाली सब्सिडी अब भी 31 मार्च 2026 को ही समाप्त हो जाएगी। सरकार का मानना है कि ये दो सेगमेंट अब बाजार में खुद को स्थापित कर चुके हैं और इन्हें आगे अधिक सब्सिडी की जरूरत नहीं है ।
- ई-बसें, ई-ट्रक और ई-एंबुलेंस: इन वाणिज्यिक और सार्वजनिक परिवहन के लिए सब्सिडी मार्च 2028 तक या फंड समाप्त होने तक जारी रहेगी ।
बजट 2026 में PM E-DRIVE स्कीम (Budget 2026 Allocation)
PM E-DRIVE Scheme 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को पेश किए गए बजट 2026-27 में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को मजबूती देने का काम किया है। सरकार ने इस योजना के लिए वित्त वर्ष 2027 के बजट में 1,500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यह राशि वित्त वर्ष 2026 के संशोधित अनुमान (₹1,300 करोड़) से अधिक है, जो दर्शाता है कि सरकार का फोकस ईवी सेक्टर पर लगातार बना हुआ है ।
सब्सिडी कितनी मिलेगी? (Subsidy Details)
PM E-DRIVE Scheme 2026: स्कीम के तहत सब्सिडी एक फ्लैट डिस्काउंट न होकर बैटरी की क्षमता और वाहन की कीमत से जुड़ी हुई है। इसे “डिमांड इंसेंटिव” कहा जाता है।
इलेक्ट्रिक दोपहिया (Electric 2-Wheeler) के लिए सब्सिडी:
- यह सब्सिडी बैटरी की क्षमता (kWh) के आधार पर दी जाती है।
- वित्त वर्ष 2025 में यह दर 5,000 रुपये प्रति kWh थी, जिसे घटाकर वित्त वर्ष 2026 (चालू वित्त वर्ष) में 2,500 रुपये प्रति kWh कर दिया गया है ।
- अधिकतम सब्सिडी वाहन के एक्स-फैक्ट्री मूल्य के 15 प्रतिशत तक ही सीमित है ।
- एक उदाहरण के तौर पर, एक सामान्य इलेक्ट्रिक बाइक पर खरीदार को 10,000 रुपये तक की सब्सिडी का लाभ मिल सकता है ।
- महत्वपूर्ण: 31 मार्च 2026 के बाद दोपहिया वाहनों पर सब्सिडी पूरी तरह समाप्त होने की संभावना है, इसलिए इस साल खरीदारी का आखिरी मौका हो सकता है .
इलेक्ट्रिक तिपहिया (Electric 3-Wheeler) के लिए सब्सिडी:
- ई-रिक्शा और ई-कार्ट सहित तिपहिया वाहनों के लिए भी सब्सिडी दी जा रही है। हालांकि, L5 कैटेगरी के इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों का निर्धारित लक्ष्य समय से पहले पूरा हो जाने के कारण 26 दिसंबर 2025 से इस सेगमेंट में सब्सिडी बंद कर दी गई है .
अन्य वाहन (Buses, Trucks, Ambulances):
- इलेक्ट्रिक बसें: सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 14,028 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए 4,391 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं .
- ई-ट्रक और ई-एंबुलेंस: इन दोनों सेगमेंट के लिए 500-500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है . हालांकि, ई-ट्रकों पर सब्सिडी लेने के लिए पुराने ट्रक को स्क्रैप करने का सर्टिफिकेट देना अनिवार्य है, जिसे उद्योग जगत ने चुनौती दी है .
सब्सिडी का लाभ कैसे उठाएं? (How to Avail Subsidy?)
PM E-DRIVE Scheme 2026: इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि इसकी प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी है। सब्सिडी सीधे आपके बैंक खाते में नहीं आती, बल्कि खरीद के समय ही बिल में कटौती कर दी जाती है। यह प्रक्रिया ई-वाउचर सिस्टम पर आधारित है .
स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया:
- पात्र वाहन का चयन: सबसे पहले किसी अधिकृत डीलर से पीएम ई-ड्राइव पोर्टल पर पंजीकृत इलेक्ट्रिक वाहन का चयन करें ।
- आधार e-KYC: डीलर आपका आधार नंबर लेकर पोर्टल पर आपकी पहचान सत्यापित (e-KYC) करेगा ।
- ई-वाउचर जनरेशन: सत्यापन के बाद पोर्टल स्वचालित रूप से ई-वाउचर जेनरेट करेगा, जिसमें सब्सिडी की राशि दर्शाई जाएगी। इसे आप और डीलर डिजिटल साइन करेंगे ।
- तत्काल लाभ: सब्सिडी की यह राशि आपके इनवॉइस (बिल) में से तुरंत काट ली जाती है। आपको कम कीमत पर वाहन मिल जाता है ।
- प्रतिपूर्ति (Reimbursement): इसके बाद डीलर और वाहन निर्माता (OEM) सरकार से इस राशि की प्रतिपूर्ति का दावा करते हैं ।
राज्य स्तरीय लाभ (State-Level Benefits)
PM E-DRIVE Scheme 2026: केंद्र सरकार की इस योजना के अलावा, कई राज्य भी इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए अलग से प्रोत्साहन दे रहे हैं। उदाहरण के लिए, तमिलनाडु में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर रोड टैक्स में 100% की छूट दी जा रही है, जिससे वाहन की कुल कीमत और कम हो जाती है .
निष्कर्ष (Conclusion)
PM E-DRIVE स्कीम भारत में इलेक्ट्रिक क्रांति की धुरी है। यह न सिर्फ आम आदमी के लिए ईवी खरीदना आसान बना रही है, बल्कि देश में चार्जिंग नेटवर्क और विनिर्माण को भी मजबूती दे रही है। बजट 2026 में 1,500 करोड़ रुपये का आवंटन और योजना का 2028 तक विस्तार सरकार की इस दिशा में गंभीरता को दर्शाता है .
PM E-DRIVE Scheme 2026: अगर आप इलेक्ट्रिक दोपहिया या तिपहिया वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह साल आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि मार्च 2026 के बाद इन पर सब्सिडी समाप्त हो जाएगी। देर न करें, आज ही अपने नजदीकी शोरूम में जाकर इस योजना का लाभ उठाएं और प्रदूषण मुक्त भविष्य की ओर एक कदम बढ़ाएं।
विकल्प 2: 5 मुख्य प्रश्नोत्तरी (5 FAQ)
PM E-DRIVE स्कीम 2026: अक्सर पूछे जाने वाले 5 सवाल
1. PM E-DRIVE स्कीम के तहत इलेक्ट्रिक स्कूटी या बाइक खरीदने पर कितनी सब्सिडी मिल रही है?
PM E-DRIVE Scheme 2026: वित्त वर्ष 2026 (अप्रैल 2025 से मार्च 2026) के दौरान इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर बैटरी की क्षमता के अनुसार2,500 रुपये प्रति किलोवाट घंटा (kWh)की दर से सब्सिडी दी जा रही है। यह सब्सिडी वाहन के एक्स-फैक्ट्री मूल्य के अधिकतम 15% तक ही सीमित है। आमतौर पर एक ग्राहक को इस योजना के तहत10,000 रुपये तकका लाभ मिल सकता है.
2. क्या PM E-DRIVE स्कीम अभी भी चालू है और यह कब तक रहेगी?
PM E-DRIVE Scheme 2026: हां, यह योजना पूरी तरह से चालू है। सरकार ने इसे दो साल के लिए बढ़ाकर अब31 मार्च 2028तक लागू कर दिया है। हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है किइलेक्ट्रिक दोपहिया (2W) और तिपहिया (3W) वाहनों के लिए सब्सिडी केवल 31 मार्च 2026 तकही उपलब्ध रहेगी। उसके बाद इस सेगमेंट में सब्सिडी समाप्त होने की संभावना है.
3. सब्सिडी का पैसा मेरे बैंक खाते में आएगा या कैसे मिलेगा?
4. क्या सिर्फ वाहन खरीदने पर ही सब्सिडी मिलती है, या चार्जिंग के लिए भी कुछ है?
PM E-DRIVE Scheme 2026: स्कीम का दायरा सिर्फ वाहनों तक सीमित नहीं है। इस योजना के तहत देशभर में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके लिए सरकार ने अलग से2,000 करोड़ रुपयेआवंटित किए हैं। योजना के तहत दोपहिया, तिपहिया, चारपहिया और बसों के लिए हजारों नए फास्ट चार्जर लगाने का लक्ष्य रखा गया है.
5. क्या इस योजना का लाभ लेने के लिए कोई शर्तें हैं?
PM E-DRIVE Scheme 2026: हां, कुछ बुनियादी शर्तें हैं। सबसे पहले, आप जो वाहन खरीद रहे हैं, वह पीएम ई-ड्राइव पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए। दूसरा, वाहन खरीदते समयआधार आधारित e-KYCकराना अनिवार्य है। वहीं, इलेक्ट्रिक ट्रक खरीदने पर सब्सिडी का लाभ लेने के लिए पुराने प्रदूषण फैलाने वाले ट्रक को स्क्रैप करने का सर्टिफिकेट देना होगा.
