Loan Settlement Process 2026: बैंक से लोन सेटलमेंट कैसे करें? कर्ज से मुक्ति पाने की पूरी प्रक्रिया और जरूरी सावधानियां!
Loan Settlement Process 2026: Introduction: आज की अनिश्चित अर्थव्यवस्था में कई बार लोग अपनी क्षमता से अधिक लोन ले लेते हैं या अचानक नौकरी जाने, बीमारी या बिजनेस में घाटे के कारण अपनी EMI नहीं भर पाते। जब लोन की किस्तें कई महीनों तक पेंडिंग रहती हैं, तो बैंक उस खाते को NPA (Non-Performing Asset) घोषित कर देता है। ऐसी कठिन स्थिति में, बैंक और ग्राहक के बीच कर्ज खत्म करने का एक रास्ता निकलता है, जिसे “Loan Settlement Process” कहा जाता है।
लेकिन क्या लोन सेटलमेंट करना वाकई आपके लिए फायदेमंद है? इसमें बैंक के साथ मोलभाव कैसे किया जाता है? इस लेख में हम 2026 के लेटेस्ट बैंकिंग नियमों के अनुसार लोन सेटलमेंट की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझेंगे।
1. लोन सेटलमेंट क्या है? (Understanding Loan Settlement)
Loan Settlement Process 2026: जब कोई उधारकर्ता पूरा लोन चुकाने में असमर्थ होता है, तो बैंक उसे एक प्रस्ताव देता है: “आप पूरा पैसा नहीं दे सकते, तो एक बड़ी राशि (Lump sum) एक बार में दे दीजिए और हम आपका खाता बंद कर देंगे।” इसे One Time Settlement (OTS) कहते हैं। इसमें बैंक आमतौर पर बकाया ब्याज (Interest) और पेनल्टी को माफ कर देता है और केवल मूलधन (Principal) का कुछ हिस्सा लेकर मामला रफा-दफा करता है।
2. लोन सेटलमेंट की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया (Step-by-Step Process)
Loan Settlement Process 2026: स्टेप 1: अपनी आर्थिक स्थिति का आकलन सेटलमेंट तभी शुरू करें जब आप वाकई 6 महीने या उससे अधिक समय से ईएमआई नहीं भर पाए हैं। बैंक आसानी से सेटलमेंट के लिए तैयार नहीं होते, वे पहले रिकवरी की पूरी कोशिश करते हैं।
Loan Settlement Process 2026: स्टेप 2: बैंक से संपर्क और बातचीत (Negotiation) बैंक मैनेजर से मिलें और अपनी वित्तीय तंगी के ठोस सबूत (जैसे मेडिकल बिल या रेजिग्नेशन लेटर) दिखाएं। बैंक को यह विश्वास दिलाएं कि आपके पास पैसे नहीं हैं और सेटलमेंट ही एकमात्र रास्ता है।
स्टेप 3: सेटलमेंट की राशि तय करना बैंक शुरुआत में बड़ी रकम मांगेगा। आपको अपनी क्षमता के अनुसार नेगोशिएट करना चाहिए। 2026 के ट्रेंड के अनुसार, अनसिक्योर्ड लोन (Personal Loan/Credit Card) में मूल राशि का 25% से 50% तक सेटलमेंट संभव है।
स्टेप 4: आधिकारिक सेटलमेंट लेटर प्राप्त करना जैसे ही बात पक्की हो, बैंक से ‘Settlement Letter’ मांगें। जब तक आपके पास बैंक के लेटरहेड पर लिखित अनुमति न हो, एक रुपया भी जमा न करें। मौखिक वादों पर भरोसा न करें।
Loan Settlement Process 2026: स्टेप 5: भुगतान और प्रमाण पत्र तय राशि का भुगतान करें और बैंक से ‘No Dues Certificate’ (NDC) या क्लोजर रिपोर्ट प्राप्त करें।
फायदे (Pros):
- मानसिक शांति: रिकवरी एजेंटों के फोन और घर आने का सिलसिला बंद हो जाता है।
- कानूनी कार्यवाही से बचाव: बैंक कोर्ट केस या कानूनी नोटिस वापस ले लेता है।
- कर्ज का बोझ कम: आपको कुल बकाया राशि का केवल एक हिस्सा ही चुकाना पड़ता है।
नुकसान (Cons):
- CIBIL स्कोर पर बुरा असर: यह सबसे बड़ा नुकसान है। सेटलमेंट के बाद आपका सिबिल स्कोर बहुत तेजी से गिरता है।
- 7 साल का दाग: आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में ‘Settled’ लिखा आता है, जिसका मतलब है कि आपने पूरा पैसा नहीं दिया। अगले 7-10 सालों तक आपको कोई भी बैंक लोन या क्रेडिट कार्ड नहीं देगा।
4. लोन सेटलमेंट बनाम लोन क्लोजर (Settlement vs Closure)
Loan Settlement Process 2026: दोनों में बहुत बड़ा अंतर है। Closure का मतलब है कि आपने ब्याज सहित पूरा पैसा चुकाया है (यह बेस्ट है)। Settlement का मतलब है कि आपने बैंक को नुकसान पहुँचाया है। हमेशा कोशिश करें कि दोस्तों या रिश्तेदारों से मदद लेकर लोन ‘बंद’ करें, न कि ‘सेटल’।
4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: क्या बैंक लोन सेटलमेंट के लिए मजबूर कर सकता है?
Ans: नहीं, यह एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है। बैंक और ग्राहक दोनों की सहमति जरूरी है।
Q2: क्या सेटलमेंट के बाद कभी दोबारा लोन मिल सकता है?
Ans: तुरंत नहीं। आपको भविष्य में बचे हुए पैसे (Waived Amount) को बैंक को वापस चुकाकर अपने स्टेटस को ‘Settled’ से ‘Closed’ में बदलवाना होगा, तभी लोन मिलने की संभावना बढ़ेगी।
Q3: क्या क्रेडिट कार्ड का सेटलमेंट भी इसी तरह होता है?
Ans: हाँ, क्रेडिट कार्ड अनसिक्योर्ड होते हैं, इसलिए इनमें सेटलमेंट की संभावना सबसे अधिक होती है।
Conclusion: अंतिम विकल्प के रूप में ही चुनें!
Loan Settlement Process कर्ज के दलदल से निकलने का एक दरवाजा तो है, लेकिन इसकी कीमत आपके भविष्य की क्रेडिट योग्यता (Creditworthiness) को चुकानी पड़ती है। यदि आपकी समस्या अस्थायी है, तो लोन ‘रिस्ट्रक्चरिंग’ या ‘ईएमआई हॉलिडे’ का विकल्प चुनें। सेटलमेंट तभी करें जब कोई और रास्ता न बचा हो।
कर्ज निपटान प्रक्रिया:
क्रेडिट स्कोर पर क्या असर पड़ेगा? (पूरी जानकारी)
प्रस्तावना: कर्ज और क्रेडिट स्कोर का अनसुलझा सवाल
Loan Settlement Process: भारत में तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और आसान क्रेडिट की उपलब्धता के साथ, व्यक्तिगत कर्ज (लोन) लेना आम हो गया है। होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन, या क्रेडिट कार्ड – ये सभी जीवन के लक्ष्यों को पूरा करने में मददगार साबित होते हैं। लेकिन कभी-कभी, अनचाही परिस्थितियों जैसे नौकरी छूटना, मेडिकल इमरजेंसी, या व्यवसाय में नुकसान के कारण, कर्ज चुकाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में, कई लोग कर्ज निपटान (Loan Settlement) का विकल्प चुनते हैं।
लेकिन कर्ज निपटान को लेकर सबसे बड़ी चिंता और भ्रम की स्थिति क्रेडिट स्कोर को लेकर होती है। “क्या लोन सेटलमेंट से मेरा क्रेडिट स्कोर खराब हो जाएगा?” “कितना खराब होगा?” “क्या यह असर स्थायी है?” – ये ऐसे सवाल हैं जो हर किसी के मन में होते हैं। यह लेख इन सभी सवालों का विस्तार से जवाब देगा और आपको कर्ज निपटान प्रक्रिया तथा इसके क्रेडिट स्कोर पर पड़ने वाले प्रभाव की पूरी जानकारी देगा।
अध्याय 1: कर्ज निपटान (Loan Settlement) क्या है? इसमें क्या होता है?
Loan Settlement Process 2026: कर्ज निपटान, जिसे कभी-कभी ‘वन-टाइम सेटलमेंट’ (OTS) भी कहा जाता है, एक ऐसी प्रक्रिया है जहां उधारकर्ता (बॉरोअर) और ऋणदाता (लेंडर, जैसे बैंक या एनबीएफसी) इस बात पर सहमत होते हैं कि बकाया राशि (Outstanding Amount) के एक हिस्से के भुगतान पर ही कर्ज को बंद मान लिया जाएगा। यह आमतौर पर तब होता है जब उधारकर्ता लंबे समय से ईएमआई चुकाने में असमर्थ हो और बैंक को लगे कि पूरी राशि वसूलने की उम्मीद कम है।
प्रक्रिया:
- चूक (Default): सबसे पहले, उधारकर्ता कई ईएमआई चुकाने में चूक जाता है (आमतौर पर 90-180 दिन)।
- वसूली प्रयास (Recovery Attempts): बैंक कॉल, SMS, और नोटिस के माध्यम से संपर्क करता है।
- सेटलमेंट का प्रस्ताव (Settlement Proposal): उधारकर्ता या बैंक की तरफ से एकमुश्त कम राशि चुकाकर कर्ज बंद करने का प्रस्ताव रखा जाता है।
- मोलभाव (Negotiation): दोनों पक्षों के बीच बकाया राशि (जिसमें मूलधन, ब्याज, और देरी के जुर्माने शामिल हो सकते हैं) पर बातचीत होती है। बैंक मूलधन के 50% से 90% के बीच कोई राशि स्वीकार कर सकता है।
- सहमति पत्र (Settlement Agreement): एक बार राशि तय हो जाने पर, एक लिखित समझौता होता है। इसमें यह स्पष्ट लिखा होता है कि निर्धारित राशि के भुगतान पर लोन खाता बंद मान लिया जाएगा।
- भुगतान और नो-ड्यू सर्टिफिकेट (Payment & No-Due Certificate): उधारकर्ता राशि का भुगतान करता है और बैंक से “नो ड्यू सर्टिफिकेट” या “सेटलमेंट लेटर” लेता है। यह दस्तावेज़ भविष्य में बहुत जरूरी होता है।
ध्यान रखें: सेटलमेंट और लोन क्लोजर (सारी ईएमआई समय पर चुकाकर) या लोन रीस्ट्रक्चरिंग (ईएमआई कम करने के लिए कर्ज की शर्तें बदलना) में बहुत बड़ा अंतर है। सेटलमेंट में आप पूरी राशि नहीं चुकाते, इसीलिए इसका क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
अध्याय 2: क्रेडिट स्कोर और सीआईबीआईएल रिपोर्ट: एक संक्षिप्त परिचय
Loan Settlement Process 2026: क्रेडिट स्कोर (आमतौर पर 300 से 900 के बीच) एक तीन अंकों की संख्या है जो आपकी क्रेडिट योग्यता (उधार लेने और चुकाने की क्षमता एवं इतिहास) को दर्शाती है। इसे क्रेडिट ब्यूरो (जैसे CIBIL, Experian, Equifax) तैयार करते हैं। 750+ का स्कोर अच्छा माना जाता है।
सीआईबीआईएल रिपोर्ट में क्या दर्ज होता है?
Loan Settlement Process 2026: आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में हर लोन और क्रेडिट कार्ड खाते की विस्तृत जानकारी होती है, जिसमें एक महत्वपूर्ण फील्ड है‘अकाउंट स्टेटस’या खाते की स्थिति। यह स्थिति कई तरह की हो सकती है, जैसे:
- स्टैंडर्ड / करंट (Standard/Current): सभी भुगतान समय पर हो रहे हैं।
- डिलीक्वेंट (Delinquent): कुछ भुगतान देरी से हुए हैं।
- सेटल्ड (Settled): यह वह कीवर्ड है जिससे हमें चिंता होती है। इसका मतलब है कि बकाया राशि से कम में एक समझौता करके खाता बंद किया गया है।
- राइट-ऑफ (Written-Off): बैंक ने राशि को बुरा कर्ज (Bad Debt) मानकर वसूली की उम्मीद छोड़ दी है। सेटलमेंट से भी ज्यादा गंभीर स्थिति।
- डिफॉल्टेड (Defaulted): बिना किसी समझौते के लंबे समय तक भुगतान नहीं किया गया।
अध्याय 3: लोन सेटलमेंट का क्रेडिट स्कोर पर क्या असर पड़ता है? (दिलचस्प हिस्सा)
Loan Settlement Process 2026: सीधे शब्दों में कहें तोलोन सेटलमेंट का आपके क्रेडिट स्कोर और क्रेडिट इतिहास पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।आइए इसे चरणों में समझते हैं:
1. पहला और सीधा असर: ‘सेटल्ड’ टैग
- जैसे ही आप सेटलमेंट करते हैं, उस खाते की स्थिति (Account Status) आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में ‘सेटल्ड’ में बदल जाती है।
- यह ‘सेटल्ड’ टैग आपकी रिपोर्ट पर 7 वर्षों तक (अकाउंट बंद होने की तारीख से) रहता है। यह किसी भी नए लेंडर के लिए एक बड़ी लाल बत्ती है। इसका मतलब है कि आपने पहले कर्ज पूरा नहीं चुकाया, बल्कि एक समझौता किया है।
2. स्कोर में भारी गिरावट
- सेटलमेंट से पहले ही, आपके देरी से भुगतान (डिफॉल्ट) की वजह से स्कोर गिरना शुरू हो जाता है।
- सेटलमेंट की प्रक्रिया पूरी होते ही, स्कोर में 50 से 100 अंकों या इससे भी अधिक की गिरावट आ सकती है। यह गिरावट इस बात पर निर्भर करती है कि आपका पिछला क्रेडिट इतिहास कैसा था और आपके पास अन्य सक्रिय क्रेडिट खाते कैसे हैं।
- एक व्यक्ति जिसका स्कोर 750 था, वह सेटलमेंट के बाद 600 या उससे नीचे भी जा सकता है।
3. भविष्य में क्रेडिट/लोन पाने में कठिनाई
- Loan Settlement Process 2026: ‘सेटल्ड’ टैग वाली रिपोर्ट के साथ, भविष्य में कोई भी नया लोन (होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन) या क्रेडिट कार्ड मिलना बेहद मुश्किल हो जाता है।
- अगर मिलता भी है, तो उच्च ब्याज दर (Interest Rate) पर। लेंडर आपको उच्च जोखिम (High-Risk Borrower) वाला ग्राहक मानेगा।
- कई बार, सेक्योरिटाइज्ड लोन (जैसे होम लोन) भी मना किए जा सकते हैं।
4. मनोवैज्ञानिक प्रभाव (लेंडर के दृष्टिकोण से)
Loan Settlement Process 2026: लोन सेटलमेंट लेंडर को यह संदेश देता है:
- “भविष्य में भी इसके साथ ऐसा हो सकता है।”
इसलिए, वे आपको ऋण देने से हिचकिचाएंगे।
अध्याय 4: सेटलमेंट बनाम राइट-ऑफ बनाम डिफॉल्ट – क्या ज्यादा नुकसानदेह है?
Loan Settlement Process 2026: यह समझना जरूरी है कि सभी नेगेटिव मार्क्स एक जैसे नहीं होते:
- सेटल्ड (Settled): यह डिफॉल्ट से बेहतर है, क्योंकि आपने बैंक के साथ सहयोग किया और कुछ राशि वापस की। लेकिन फिर भी यह आपकी रिपोर्ट को लंबे समय तक प्रभावित करता है।
- राइट-ऑफ (Written-Off): यह सेटलमेंट से भी खराब है। इसमें बैंक पूरी तरह से राशि को बेकार मान लेता है। यह टैग आपकी रिपोर्ट पर 7 साल तक रहेगा और किसी भी लेंडर के लिए एक बहुत बुरा संकेत है।
- डिफॉल्ट (Default) / सब-स्टैंडर्ड (Sub-Standard): लगातार भुगतान न करना। इससे भी स्कोर गिरता है और भविष्य में लोन मुश्किल हो जाता है।
Loan Settlement Process 2026: सबसे अच्छा विकल्प (हमेशा): लोन रीस्ट्रक्चरिंग।अगर आप वित्तीय कठिनाई में हैं, तो सबसे पहले बैंक सेलोन रीस्ट्रक्चरिंगके बारे में बात करें। इसमें आपकी ईएमआई कम की जा सकती है या कर्ज की अवधि बढ़ाई जा सकती है। इससे आपका खाता ‘करंट’ बना रहता है और क्रेडिट स्कोर पर उतना बुरा असर नहीं पड़ता।
अध्याय 5: क्या सेटलमेंट के बाद क्रेडिट स्कोर फिर से अच्छा हो सकता है? (रिकवरी प्लान)
Loan Settlement Process 2026: हां, लोन सेटलमेंट एक वित्तीय झटका है, लेकिन यह अंत नहीं है। समय, अनुशासन और सही रणनीति से आप अपना क्रेडिट स्कोर दोबारा बना सकते हैं। यह प्रक्रिया धीमी होती है, लेकिन संभव है।
रिकवरी के चरण:
- नो-ड्यू सर्टिफिकेट सुरक्षित रखें: सेटलमेंट के बाद मिला लिखित समझौता और नो-ड्यू सर्टिफिकेट हमेशा सुरक्षित रखें। भविष्य में किसी विवाद या सत्यापन के लिए यह जरूरी है।
- अन्य सभी खातों को समय पर चुकाएं: अगर आपके पास अन्य लोन या क्रेडिट कार्ड हैं, तो उनकी हर ईएमआई या बिल का भुगतान हर महीने समय पर पूरी राशि चुकाकर करें। यह नया सकारात्मक इतिहास बनाने का सबसे कारगर तरीका है।
- Loan Settlement Process 2026: सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड लें:जब आपका स्कोर कम हो, तो आम क्रेडिट कार्ड नहीं मिलेंगे। इस स्थिति में,सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड(Fixed Deposit के बदले मिलने वाला कार्ड) ले सकते हैं। इसका उपयोग करके और बिल समय पर चुकाकर आप अपना क्रेडिट इतिहास दोबारा बना सकते हैं।
- क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो कम रखें: क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय, अपने क्रेडिट लिमिट का 30% से कम ही इस्तेमाल करने का लक्ष्य रखें। ज्यादा इस्तेमाल नेगेटिव माना जाता है।
- क्रेडिट रिपोर्ट की नियमित जांच करें: साल में कम से कम एक बार अपनी क्रेडिट रिपोर्ट (CIBIL, Experian आदि) फ्री में चेक करें। सुनिश्चित करें कि सेटल्ड अकाउंट की जानकारी सही तरीके से दर्ज हुई है। कभी-कभी गलतियाँ हो सकती हैं।
- Loan Settlement Process 2026: समय सबसे बड़ा इलाज है:‘सेटल्ड’ टैग का असर 7 साल बाद आपकी रिपोर्ट से हट जाएगा। इस दौरान अगर आपका बाकी का क्रेडिट व्यवहार बिल्कुल साफ रहा, तो धीरे-धीरे स्कोर सुधरने लगेगा। 2-3 साल में आप महत्वपूर्ण सुधार देख सकते हैं।
अध्याय 6: महत्वपूर्ण सावधानियाँ और विकल्प
- Loan Settlement Process 2026: सेटलमेंट आखिरी विकल्प हो:सबसे पहले रीस्ट्रक्चरिंग, मोरेटोरियम (विराम), या अपने परिवार से मदद लेने के विकल्प तलाशें।
- ऑफर सब कुछ लिखित में लें: बैंक के अधिकारी मौखिक रूप से कुछ भी कह सकते हैं। हमेशा सब कुछ लिखित में मांगे और समझें।
- Loan Settlement Process 2026: डेट सेटलमेंट कंपनियों से सावधान:ये कंपनियां बहुत सारे वादे करती हैं, लेकिन कई बार धोखाधड़ी होती है या वे आपसे ज्यादा फीस ले लेते हैं। सीधे बैंक के साथ बात करना हमेशा बेहतर है।
- कर निहितार्थ (Tax Implications): कर्ज की माफ की गई राशि (जो आपने नहीं चुकाई) को बैंक आपकी आय मान सकता है और आपको उस पर टैक्स देनदार होना पड़ सकता है। कर्ज निपटान से पहले इसके बारे में टैक्स सलाहकार से सलाह लें।
निष्कर्ष
Loan Settlement Process 2026: लोन सेटलमेंट एक दोधारी तलवार है। एक तरफ यह आपको एक बड़े वित्तीय बोझ से तत्काल राहत दिलाता है, लेकिन दूसरी तरफ, यह आपके क्रेडिट स्कोर को लंबे समय के लिए गंभीर नुकसान पहुंचाता है, जिससे भविष्य में वित्तीय उत्पाद लेना मुश्किल और महंगा हो जाता है। निर्णय लेने से पहले, सभी विकल्पों (विशेषकर लोन रीस्ट्रक्चरिंग) पर विचार करें और किसी वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। अगर सेटलमेंट ही एकमात्र रास्ता है, तो उसके बाद एक अनुशासित वित्तीय जीवनशैली अपनाकर और सही रणनीति से धैर्यपूर्वक अपने क्रेडिट स्कोर को फिर से बनाने का प्रयास करें। याद रखें, क्रेडिट स्कोर एक मैराथन है, न कि स्प्रिंट। इसकी मरम्मत में समय लगता है।
लोन सेटलमेंट और क्रेडिट स्कोर पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. क्या लोन सेटलमेंट के बाद मुझे फिर से कोई लोन कभी मिल पाएगा?
Loan Settlement Process 2026: हां, मिल सकता है, लेकिन तुरंत नहीं। सेटलमेंट के बाद कम से कम 2-3 साल तक नया अनसिक्योर्ड लोन (जैसे पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड) मिलना बहुत मुश्किल होगा। इस अवधि के बाद, अगर आपने अपना क्रेडिट इतिहास सुधार लिया है (समय पर बिल भरकर), तो आप सेक्योर्ड लोन (जैसे FD बैक्ड लोन) या उच्च ब्याज दर पर कुछ लोन प्राप्त कर सकते हैं। होम लोन जैसे बड़े लोन के लिए और भी लंबा इंतजार और बेहतर इतिहास चाहिए होगा।
2. क्रेडिट रिपोर्ट पर ‘सेटल्ड’ टैग कितने साल तक रहता है?
Loan Settlement Process 2026: लोन सेटलमेंट की सूचना आपकी क्रेडिट रिपोर्ट पर खाता बंद होने की तारीख से7 वर्षों तकरहती है। इस अवधि के बाद यह स्वत: हट जाता है। यह महत्वपूर्ण है कि इस 7 साल की अवधि में आप बाकी सभी क्रेडिट भुगतान समय पर करें।
3. क्या सेटलमेंट से बेहतर है कि मैं लोन डिफॉल्ट कर दूं?
Loan Settlement Process 2026: नहीं, डिफॉल्ट करना कभी भी बेहतर विकल्प नहीं है। डिफॉल्ट (लगातार भुगतान न करना) भी आपके स्कोर को उतना ही या अधिक नुकसान पहुंचाता है, और बैंक कानूनी कार्रवाई भी कर सकता है। सेटलमेंट में कम से कम आप बैंक के साथ एक समझौता करके मामला बंद करते हैं और कुछ राशि वापस करते हैं, जो डिफॉल्ट से थोड़ा बेहतर है।
4. क्या सेटलमेंट के बाद भी बैंक मुझे परेशान कर सकता है?
Loan Settlement Process 2026: अगर सेटलमेंट पूरी तरह से लिखित समझौते के आधार पर हुआ है और आपने निर्धारित एकमुश्त राशि का भुगतान कर दिया है, तो बैंक आपको परेशान नहीं कर सकता।नो-ड्यू सर्टिफिकेट या सेटलमेंट लेटरयह साबित करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है कि आपका बैंक के साथ कोई बकाया नहीं है। इसे सुरक्षित रखें।
5. क्या सेटलमेंट की वजह से मुझे टैक्स देना पड़ेगा?
Loan Settlement Process 2026: हो सकता है। आयकर अधिनियम के अनुसार, बैंक द्वारा माफ की गई कर्ज की राशि (जो आपने नहीं चुकाई) को “आय” के रूप में माना जा सकता है। इसे‘रिमिशन ऑफ डेट’कहते हैं। इस माफ की गई राशि पर आपको आयकर अधिनियम की धारा 56(2)(x) के तहत टैक्स देना पड़ सकता है। सेटलमेंट से पहले किसी कर सलाहकार से इस बारे में सलाह लेना बुद्धिमानी होगी।
