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Electric Vehicle Charging Station Business: 2026 में शुरू करें अपना EV चार्जिंग स्टेशन; जानें लागत, सरकारी सब्सिडी और कमाई का पूरा प्लान!

Electric Vehicle Charging Station Business

Electric Vehicle Charging Station Business: 2026 में शुरू करें अपना EV चार्जिंग स्टेशन; जानें लागत, सरकारी सब्सिडी और कमाई का पूरा प्लान!

Electric Vehicle Charging Station Business: भारत सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक देश की सड़कों पर 30% से अधिक वाहन इलेक्ट्रिक हों। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए लाखों Electric Vehicle Charging Stations की जरूरत है। आज के समय में यह एक ‘Future-Proof’ बिजनेस आइडिया है। अगर आपके पास थोड़ी खाली जमीन और निवेश करने की क्षमता है, तो आप भी इस ग्रीन बिजनेस का हिस्सा बन सकते हैं।

इस लेख में हम जानेंगे कि भारत में EV Charging Station कैसे खोलें और इसमें कितनी लागत और मुनाफा होता है।


1. EV चार्जिंग स्टेशन के प्रकार (Types of Charging Stations)

Electric Vehicle Charging Station Business: बिजनेस शुरू करने से पहले आपको यह चुनना होगा कि आप किस तरह का चार्जर लगाना चाहते हैं:


2. आवश्यक जगह और स्थान (Location Requirement)

Electric Vehicle Charging Station Business: सफल बिजनेस के लिए सही जगह का चुनाव बहुत जरूरी है:


3. अनुमानित लागत (Investment Required)

Electric Vehicle Charging Station Business: भारत में एक मध्यम स्तर का EV चार्जिंग स्टेशन खोलने के लिए आपको ₹5 लाख से ₹40 लाख तक का निवेश करना पड़ सकता है।


4. सरकारी लाइसेंस और परमिट (License & Permissions)

Electric Vehicle Charging Station Business: भारत सरकार ने अब EV चार्जिंग स्टेशन खोलने के नियमों को बहुत आसान बना दिया है:


5. सरकारी सब्सिडी और सहायता (Govt Subsidy 2026)

Electric Vehicle Charging Station Business: FAME-II योजना के तहत सरकार चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए 25% से 50% तक की सब्सिडी प्रदान करती है। कई राज्य सरकारें (जैसे दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र) बिजली की दरों (Electricity Tariff) में भी छूट देती हैं, जिससे आपका ऑपरेशनल खर्च कम हो जाता है।


6. कमाई कैसे होगी? (Profit Margin)

Electric Vehicle Charging Station Business: आप तीन तरह से पैसे कमा सकते हैं:

  1. चार्जिंग फीस: प्रति यूनिट बिजली पर अपना मार्जिन जोड़कर।
  2. वैल्यू एडेड सर्विसेज: स्टेशन पर कैफे, वाई-फाई या छोटी दुकान खोलकर।
  3. फ्रेंचाइजी: Tata Power, Statiq या Jio-bp जैसी कंपनियों की फ्रेंचाइजी लेकर।

निष्कर्ष (Conclusion)

Electric Vehicle Charging Station का बिजनेस आने वाले दशक का ‘गोल्ड माइन’ है। शुरुआती निवेश थोड़ा अधिक हो सकता है, लेकिन सरकार की मदद और बढ़ते बाजार को देखते हुए, यह 2-3 साल में ही आपको मुनाफा देना शुरू कर देता है।


Quick Checklist Table

आवश्यकता (Requirement)विवरण (Details)
न्यूनतम जगह100 – 500 वर्ग फुट
पावर कनेक्शन11 KV / 33 KV (लोड के अनुसार)
मुख्य उपकरणचार्जर, गन, पेमेंट गेटवे, सॉफ्टवेयर
अनुमानित मुनाफा₹50,000 – ₹2,00,000 प्रति माह

2026 में शुरू करें अपना EV चार्जिंग स्टेशन: जानें लागत, सरकारी सब्सिडी और कमाई का पूरा प्लान!

Electric Vehicle Charging Station Business: भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की क्रांति अब रफ्तार पकड़ चुकी है। सिर्फ महानगरों तक सीमित न रहकर, अब यह मुहिम टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी तेजी से फैल रही है। जून 2025 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में कुल कार बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 7.8 प्रतिशत तक पहुंच गई है 

Electric Vehicle Charging Station Business: सरकार का लक्ष्य 2030 तक 30% वाहनों को इलेक्ट्रिक बनाने का है । इस बढ़ती मांग के साथ, एक मजबूत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता भी तेजी से बढ़ रही है, जो उद्यमियों के लिए एक सुनहरा अवसर लेकर आई है। अगर आप 2026 में एक नए और भविषोन्मुखी व्यवसाय की तलाश में हैं, तो EV चार्जिंग स्टेशन शुरू करना एक शानदार विकल्प हो सकता है। आइए, इस बिजनेस से जुड़ी हर जानकारी को विस्तार से समझते हैं।

1. EV चार्जिंग स्टेशन के प्रकार और लागत (2026 अपडेट)

Electric Vehicle Charging Station Business: EV चार्जिंग स्टेशन शुरू करने का सबसे पहला कदम यह समझना है कि आपको किस तरह का चार्जर लगाना है। चार्जर्स मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं: AC (धीमा) और DC (तेज)। आपकी लोकेशन और टार्गेट ऑडियंस के आधार पर चार्जर का चुनाव किया जाता है।

नीचे दी गई तालिका में विभिन्न प्रकार के चार्जर्स और उनकी अनुमानित लागत के बारे में जानकारी दी गई है:

चार्जर का प्रकारपावर (kW)उपयुक्त वाहनअनुमानित लागत (₹)
लेवल 1 (AC)≤ 3.5 kW2W, 3W, छोटी 4W15,000 – 30,000 
लेवल 2 (AC)7.2 kW – 22 kW4W, 3W, 2W (मॉल, ऑफिस)35,000 – 1,50,000 
लेवल 1 (DC)≤ 15 kW4W, 3W, 2W2.5 लाख – 4 लाख 
लेवल 3 (DC फास्ट)30 kW – 60 kW4W (हाईवे, पब्लिक स्टेशन)8 लाख – 15 लाख 
DC अल्ट्रा-फास्ट100 kW – 240 kW4W (प्रीमियम हाईवे)25 लाख+ 

Electric Vehicle Charging Station Business: महत्वपूर्ण अपडेट (फरवरी 2026): सरकार ने हाल ही में EV चार्जर्स के बेंचमार्क मूल्यों में भारी कटौती की है। इसका उद्देश्य सब्सिडी खर्च को कम करना और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बढ़ाना है। उदाहरण के लिए, 60 kW चार्जर की कीमत में 28% और 100 kW चार्जर की कीमत अब लगभग 13 लाख रुपये (पहले 18 लाख रुपये) हो गई है । इसका सीधा फायदा आपको सब्सिडी लेते समय और कुल लागत घटाने में मिलेगा।

2. स्टेशन लगाने की कुल लागत (सेटअप कॉस्ट)

Electric Vehicle Charging Station Business: सिर्फ चार्जर खरीदने से काम नहीं चलता। एक व्यावसायिक EV चार्जिंग स्टेशन को खड़ा करने में कई अन्य खर्चे भी शामिल होते हैं। एक सामान्य सेटअप की कुल लागत कुछ इस प्रकार हो सकती है:

  1. उपकरण की लागत: ऊपर दी गई तालिका के अनुसार चार्जर की कीमत।
  2. बिजली कनेक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर: नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए DISCOM में सिक्योरिटी जमा करनी होती है। अगर आपका लोड 50 kW से ज्यादा है तो अलग ट्रांसफॉर्मर लगाना पड़ सकता है, जिसकी लागत 2 लाख से 5 लाख रुपये तक आ सकती है 
  3. सिविल वर्क और अन्य खर्चे: जमीन समतल करना, चार्जर के लिए नींव बनाना, शेड लगाना, सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा बैरियर लगाना आदि। इस पर आपको 1 लाख से 3 लाख रुपये तक का अतिरिक्त खर्च आ सकता है 
  4. सॉफ्टवेयर (CMS): बिलिंग, मॉनिटरिंग और यूजर्स को स्टेशन दिखाने के लिए चार्जिंग मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर की सब्सक्रिप्शन फीस (लगभग ₹500-1000 प्रति चार्जर प्रति माह) 

कुल अनुमानित निवेश:

3. सरकारी सब्सिडी और मदद (PM E-DRIVE स्कीम)

Electric Vehicle Charging Station Business: EV चार्जिंग स्टेशन लगाने में सरकार आपकी मदद कर रही है। केंद्र सरकार की PM E-DRIVE स्कीम के तहत पब्लिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं । इस स्कीम के तहत चार्जिंग उपकरणों की लागत पर सब्सिडी दी जाती है। बेंचमार्क कीमतों में कटौती के बाद, कुछ मामलों में सब्सिडी 50 kW और 100 kW के चार्जर्स की पूरी लागत को भी कवर कर सकती है 

राज्य सरकार की नीतियां: दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक जैसे राज्यों ने भी अपनी EV नीतियां बनाई हैं। उदाहरण के लिए, दिल्ली सरकार EV चार्जिंग स्टेशनों को “आवश्यक पब्लिक यूटिलिटी” का दर्जा देती है और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम प्रदान करती है । कई राज्यों में बिजली दरें भी सामान्य कमर्शियल दरों से कम (जैसे कर्नाटक में ₹4.50 प्रति यूनिट) निर्धारित की गई हैं 

सोलर एनर्जी का विकल्प: अगर आप टियर-2 या टियर-3 शहरों में स्टेशन लगा रहे हैं, तो सोलर पैनल के साथ इंटीग्रेटेड चार्जिंग स्टेशन एक शानदार विकल्प है। 10 kW के सोलर प्लांट और 15 kW चार्जर वाले सेटअप पर शुरुआती लागत 15-20 लाख रुपये आ सकती है, लेकिन इसके बाद बिजली की लागत लगभग शून्य हो जाती है। एक स्टडी के मुताबिक, 10 kW का सोलर सिस्टम सालाना 90,000 से 1.2 लाख रुपये बचा सकता है 

4. कमाई के जरिए (Revenue Models)

Electric Vehicle Charging Station Business: आपका EV चार्जिंग स्टेशन सिर्फ बिजली बेचकर ही पैसा नहीं कमा सकता, बल्कि कमाई के कई अन्य रास्ते भी हैं।

5. EV चार्जिंग स्टेशन फ्रेंचाइज़ कैसे लें?

Electric Vehicle Charging Station Business अगर आप इस बिजनेस में नए हैं और तकनीकी पेचीदगियों में नहीं पड़ना चाहते, तो किसी बड़ी कंपनी की फ्रेंचाइज़ लेना सबसे आसान और सुरक्षित रास्ता है। इसके लिए आप टाटा पावर (EZ Charge), स्टेटिक, चार्जर, बोल्ट.अर्थ, या कज़ाम जैसी कंपनियों से संपर्क कर सकते हैं 

फ्रेंचाइज़ लेने का प्रोसेस:

  1. शर्तें पूरी करें: सबसे पहले आपके पास एक उपयुक्त जगह (अपनी या लीज पर) होनी चाहिए। यह जगह मुख्य सड़क, मॉल या किसी रिहायशी इलाके में हो सकती है 
  2. कंपनी से पार्टनरशिप करें: कंपनी आपको चार्जर देगी, उसे इंस्टॉल करेगी, मेंटेनेंस करेगी और सबसे जरूरी, अपने ऐप पर आपके स्टेशन को लाइव करेगी ताकि लोग उसे ढूंढ सकें। वे पेमेंट सिस्टम भी हैंडल करेंगे 
  3. अनुमति और बिजली कनेक्शन: कंपनी की मदद से आप स्थानीय निकायों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और बिजली विभाग (DISCOM) से कनेक्शन ले सकते हैं। इसके लिए आपको एक सिंगल-लाइन डायग्राम और जरूरी फीस जमा करनी होगी 

फ्रेंचाइज़ी और कंपनी के बीच काम का बंटवारा: फ्रेंचाइज़ मॉडल में काम का बंटवारा आमतौर पर तीन तरह से होता है।

6. सही लोकेशन का चुनाव कैसे करें?

Electric Vehicle Charging Station Business आपके बिजनेस की सफलता में लोकेशन का सबसे अहम रोल होता है।

7. सरकारी नियम और मानक (Rules and Compliance)

Electric Vehicle Charging Station Business EV चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए अलग से लाइसेंस की आवश्यकता नहीं है। बिजली मंत्रालय ने इसे डी-लाइसेंस्ड कर दिया है । फिर भी कुछ तकनीकी मानकों का पालन करना जरूरी है:

8. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. क्या EV चार्जिंग स्टेशन का बिजनेस फायदेमंद है?

Electric Vehicle Charging Station Business जी हां, अगर सही लोकेशन पर स्टेशन लगाया जाए तो यह लॉन्ग टर्म में बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। EVs की संख्या बढ़ने के साथ चार्जिंग स्टेशन की मांग भी बढ़ेगी। आमतौर पर निवेश की गई पूंजी 3-5 साल में वापस आ जाती है 

2. चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए कितनी जगह चाहिए?

Electric Vehicle Charging Station Business एक कार के लिए एक चार्जिंग बे का आकार लगभग 3 मीटर x 5 मीटर होना चाहिए । आप जितने वाहनों को एक साथ चार्ज करना चाहते हैं, उस हिसाब से जगह चाहिए।

3. क्या मैं अपने मौजूदा पेट्रोल पंप पर EV चार्जर लगा सकता हूँ?

Electric Vehicle Charging Station Business बिल्कुल लगा सकते हैं। सरकार भी पेट्रोल पंपों पर EV चार्जिंग स्टेशन लगाने को बढ़ावा दे रही है। यह आपके मौजूदा बिजनेस में विविधता लाने का शानदार तरीका है 

4. क्या सब्सिडी के लिए आवेदन करना मुश्किल है?

Electric Vehicle Charging Station Business अगर आप किसी बड़ी कंपनी (जैसे टाटा पावर या स्टेटिक) के साथ फ्रेंचाइज़ के तौर पर जुड़ते हैं, तो वे सब्सिडी के लिए आवेदन करने में आपकी पूरी मदद करते हैं। यह प्रोसेस उनके लिए आसान होता है 

5. क्या मैं सोलर एनर्जी से चार्जिंग स्टेशन चला सकता हूँ?

Electric Vehicle Charging Station Business हाँ, यह एक बेहतरीन विकल्प है। खासकर छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में जहां बिजली की सप्लाई कम हो सकती है, वहां सोलर पैनल के साथ चार्जिंग स्टेशन लगाना बहुत कारगर साबित हो रहा है। इससे बिजली का खर्च भी लगभग खत्म हो जाता है 

निष्कर्ष:
Electric Vehicle Charging Station Business 2026 में EV चार्जिंग स्टेशन का बिजनेस सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरत है। सरकार की अनुकूल नीतियां, बढ़ती सब्सिडी, और EVs की बढ़ती संख्या इसे एक सुनहरा अवसर प्रदान करती है। थोड़ी सी प्लानिंग और सही पार्टनरशिप के साथ आप इस तेजी से उभरते हुए सेक्टर में एक सफल उद्यमी बन सकते हैं।

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