Electric Vehicle Charging Station Business: 2026 में शुरू करें अपना EV चार्जिंग स्टेशन; जानें लागत, सरकारी सब्सिडी और कमाई का पूरा प्लान!
Electric Vehicle Charging Station Business: भारत सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक देश की सड़कों पर 30% से अधिक वाहन इलेक्ट्रिक हों। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए लाखों Electric Vehicle Charging Stations की जरूरत है। आज के समय में यह एक ‘Future-Proof’ बिजनेस आइडिया है। अगर आपके पास थोड़ी खाली जमीन और निवेश करने की क्षमता है, तो आप भी इस ग्रीन बिजनेस का हिस्सा बन सकते हैं।
इस लेख में हम जानेंगे कि भारत में EV Charging Station कैसे खोलें और इसमें कितनी लागत और मुनाफा होता है।
1. EV चार्जिंग स्टेशन के प्रकार (Types of Charging Stations)
Electric Vehicle Charging Station Business: बिजनेस शुरू करने से पहले आपको यह चुनना होगा कि आप किस तरह का चार्जर लगाना चाहते हैं:
- AC Charging (Slow): यह घर या ऑफिस के लिए बेस्ट है। इसे चार्ज होने में 6-8 घंटे लगते हैं। इसकी लागत कम होती है।
- DC Fast Charging: यह कमर्शियल उपयोग के लिए सबसे अच्छा है। यह 30-60 मिनट में गाड़ी फुल चार्ज कर देता है। हाईवे और पेट्रोल पंप पर यही लगाए जाते हैं।
2. आवश्यक जगह और स्थान (Location Requirement)
Electric Vehicle Charging Station Business: सफल बिजनेस के लिए सही जगह का चुनाव बहुत जरूरी है:
- हाईवे (Highways): लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों के लिए।
- मॉल और सिनेमा हॉल: जहाँ लोग 2-3 घंटे बिताते हैं।
- पेट्रोल पंप: यहाँ पहले से ही ट्रैफिक होता है।
- बड़ी हाउसिंग सोसाइटी: जहाँ लोग रात में गाड़ियां चार्ज कर सकें।
3. अनुमानित लागत (Investment Required)
Electric Vehicle Charging Station Business: भारत में एक मध्यम स्तर का EV चार्जिंग स्टेशन खोलने के लिए आपको ₹5 लाख से ₹40 लाख तक का निवेश करना पड़ सकता है।
- छोटा स्टेशन (2 AC चार्जर): ₹5 – ₹8 लाख।
- बड़ा स्टेशन (DC Fast Charger + Infrastructure): ₹15 – ₹40 लाख।इसमें ट्रांसफार्मर, केबलिंग, सिविल वर्क और मशीन की लागत शामिल है।
4. सरकारी लाइसेंस और परमिट (License & Permissions)
Electric Vehicle Charging Station Business: भारत सरकार ने अब EV चार्जिंग स्टेशन खोलने के नियमों को बहुत आसान बना दिया है:
- आपको बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) से ‘New Electricity Connection’ लेना होगा।
- अब इसके लिए किसी अलग ‘लाइसेंस’ की जरूरत नहीं है, कोई भी व्यक्ति इसे शुरू कर सकता है।
- अग्निशमन विभाग (NOC from Fire Dept) और स्थानीय नगर निगम की अनुमति जरूरी हो सकती है।
5. सरकारी सब्सिडी और सहायता (Govt Subsidy 2026)
Electric Vehicle Charging Station Business: FAME-II योजना के तहत सरकार चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए 25% से 50% तक की सब्सिडी प्रदान करती है। कई राज्य सरकारें (जैसे दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र) बिजली की दरों (Electricity Tariff) में भी छूट देती हैं, जिससे आपका ऑपरेशनल खर्च कम हो जाता है।
6. कमाई कैसे होगी? (Profit Margin)
Electric Vehicle Charging Station Business: आप तीन तरह से पैसे कमा सकते हैं:
- चार्जिंग फीस: प्रति यूनिट बिजली पर अपना मार्जिन जोड़कर।
- वैल्यू एडेड सर्विसेज: स्टेशन पर कैफे, वाई-फाई या छोटी दुकान खोलकर।
- फ्रेंचाइजी: Tata Power, Statiq या Jio-bp जैसी कंपनियों की फ्रेंचाइजी लेकर।
निष्कर्ष (Conclusion)
Electric Vehicle Charging Station का बिजनेस आने वाले दशक का ‘गोल्ड माइन’ है। शुरुआती निवेश थोड़ा अधिक हो सकता है, लेकिन सरकार की मदद और बढ़ते बाजार को देखते हुए, यह 2-3 साल में ही आपको मुनाफा देना शुरू कर देता है।
Quick Checklist Table
| आवश्यकता (Requirement) | विवरण (Details) |
| न्यूनतम जगह | 100 – 500 वर्ग फुट |
| पावर कनेक्शन | 11 KV / 33 KV (लोड के अनुसार) |
| मुख्य उपकरण | चार्जर, गन, पेमेंट गेटवे, सॉफ्टवेयर |
| अनुमानित मुनाफा | ₹50,000 – ₹2,00,000 प्रति माह |
2026 में शुरू करें अपना EV चार्जिंग स्टेशन: जानें लागत, सरकारी सब्सिडी और कमाई का पूरा प्लान!
Electric Vehicle Charging Station Business: भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की क्रांति अब रफ्तार पकड़ चुकी है। सिर्फ महानगरों तक सीमित न रहकर, अब यह मुहिम टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी तेजी से फैल रही है। जून 2025 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में कुल कार बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 7.8 प्रतिशत तक पहुंच गई है ।
Electric Vehicle Charging Station Business: सरकार का लक्ष्य 2030 तक 30% वाहनों को इलेक्ट्रिक बनाने का है । इस बढ़ती मांग के साथ, एक मजबूत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता भी तेजी से बढ़ रही है, जो उद्यमियों के लिए एक सुनहरा अवसर लेकर आई है। अगर आप 2026 में एक नए और भविषोन्मुखी व्यवसाय की तलाश में हैं, तो EV चार्जिंग स्टेशन शुरू करना एक शानदार विकल्प हो सकता है। आइए, इस बिजनेस से जुड़ी हर जानकारी को विस्तार से समझते हैं।
1. EV चार्जिंग स्टेशन के प्रकार और लागत (2026 अपडेट)
Electric Vehicle Charging Station Business: EV चार्जिंग स्टेशन शुरू करने का सबसे पहला कदम यह समझना है कि आपको किस तरह का चार्जर लगाना है। चार्जर्स मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं: AC (धीमा) और DC (तेज)। आपकी लोकेशन और टार्गेट ऑडियंस के आधार पर चार्जर का चुनाव किया जाता है।
नीचे दी गई तालिका में विभिन्न प्रकार के चार्जर्स और उनकी अनुमानित लागत के बारे में जानकारी दी गई है:
Electric Vehicle Charging Station Business: महत्वपूर्ण अपडेट (फरवरी 2026): सरकार ने हाल ही में EV चार्जर्स के बेंचमार्क मूल्यों में भारी कटौती की है। इसका उद्देश्य सब्सिडी खर्च को कम करना और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बढ़ाना है। उदाहरण के लिए, 60 kW चार्जर की कीमत में 28% और 100 kW चार्जर की कीमत अब लगभग 13 लाख रुपये (पहले 18 लाख रुपये) हो गई है । इसका सीधा फायदा आपको सब्सिडी लेते समय और कुल लागत घटाने में मिलेगा।
2. स्टेशन लगाने की कुल लागत (सेटअप कॉस्ट)
Electric Vehicle Charging Station Business: सिर्फ चार्जर खरीदने से काम नहीं चलता। एक व्यावसायिक EV चार्जिंग स्टेशन को खड़ा करने में कई अन्य खर्चे भी शामिल होते हैं। एक सामान्य सेटअप की कुल लागत कुछ इस प्रकार हो सकती है:
- उपकरण की लागत: ऊपर दी गई तालिका के अनुसार चार्जर की कीमत।
- बिजली कनेक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर: नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए DISCOM में सिक्योरिटी जमा करनी होती है। अगर आपका लोड 50 kW से ज्यादा है तो अलग ट्रांसफॉर्मर लगाना पड़ सकता है, जिसकी लागत 2 लाख से 5 लाख रुपये तक आ सकती है ।
- सिविल वर्क और अन्य खर्चे: जमीन समतल करना, चार्जर के लिए नींव बनाना, शेड लगाना, सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा बैरियर लगाना आदि। इस पर आपको 1 लाख से 3 लाख रुपये तक का अतिरिक्त खर्च आ सकता है ।
- सॉफ्टवेयर (CMS): बिलिंग, मॉनिटरिंग और यूजर्स को स्टेशन दिखाने के लिए चार्जिंग मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर की सब्सक्रिप्शन फीस (लगभग ₹500-1000 प्रति चार्जर प्रति माह) ।
कुल अनुमानित निवेश:
- बेसिक सेटअप (2 AC चार्जर): लगभग 2 लाख – 4 लाख रुपये।
- कमर्शियल सेटअप (1 DC फास्ट + 1 AC चार्जर): लगभग 15 लाख – 25 लाख रुपये ।
3. सरकारी सब्सिडी और मदद (PM E-DRIVE स्कीम)
Electric Vehicle Charging Station Business: EV चार्जिंग स्टेशन लगाने में सरकार आपकी मदद कर रही है। केंद्र सरकार की PM E-DRIVE स्कीम के तहत पब्लिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं । इस स्कीम के तहत चार्जिंग उपकरणों की लागत पर सब्सिडी दी जाती है। बेंचमार्क कीमतों में कटौती के बाद, कुछ मामलों में सब्सिडी 50 kW और 100 kW के चार्जर्स की पूरी लागत को भी कवर कर सकती है ।
राज्य सरकार की नीतियां: दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक जैसे राज्यों ने भी अपनी EV नीतियां बनाई हैं। उदाहरण के लिए, दिल्ली सरकार EV चार्जिंग स्टेशनों को “आवश्यक पब्लिक यूटिलिटी” का दर्जा देती है और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम प्रदान करती है । कई राज्यों में बिजली दरें भी सामान्य कमर्शियल दरों से कम (जैसे कर्नाटक में ₹4.50 प्रति यूनिट) निर्धारित की गई हैं ।
सोलर एनर्जी का विकल्प: अगर आप टियर-2 या टियर-3 शहरों में स्टेशन लगा रहे हैं, तो सोलर पैनल के साथ इंटीग्रेटेड चार्जिंग स्टेशन एक शानदार विकल्प है। 10 kW के सोलर प्लांट और 15 kW चार्जर वाले सेटअप पर शुरुआती लागत 15-20 लाख रुपये आ सकती है, लेकिन इसके बाद बिजली की लागत लगभग शून्य हो जाती है। एक स्टडी के मुताबिक, 10 kW का सोलर सिस्टम सालाना 90,000 से 1.2 लाख रुपये बचा सकता है ।
4. कमाई के जरिए (Revenue Models)
Electric Vehicle Charging Station Business: आपका EV चार्जिंग स्टेशन सिर्फ बिजली बेचकर ही पैसा नहीं कमा सकता, बल्कि कमाई के कई अन्य रास्ते भी हैं।
- चार्जिंग फीस: आपकी आय का मुख्य स्रोत यूजर्स से ली जाने वाली चार्जिंग फीस होगी। इसमें आपका मार्जिन ₹3 से ₹10 प्रति यूनिट हो सकता है ।
- एडवरटाइजिंग: अपने स्टेशन पर होर्डिंग्स या डिजिटल डिस्प्ले लगाकर विज्ञापन दें। यह खासकर भीड़-भाड़ वाली जगहों पर कमाई का एक बढ़िया जरिया है ।
- कन्वीनियेंस स्टोर / कैफे: जब लोग अपनी गाड़ी चार्ज करने के लिए 20-30 मिनट रुकते हैं, तो वे चाय-कॉफी या स्नैक्स लेना पसंद कर सकते हैं। एक छोटा सा कैफे या किराना स्टोर आपकी अतिरिक्त आय बढ़ा सकता है ।
- रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI): आमतौर पर, अच्छी लोकेशन पर लगे स्टेशन का निवेश 3 से 5 साल में वापस आ जाता है ।
5. EV चार्जिंग स्टेशन फ्रेंचाइज़ कैसे लें?
Electric Vehicle Charging Station Business अगर आप इस बिजनेस में नए हैं और तकनीकी पेचीदगियों में नहीं पड़ना चाहते, तो किसी बड़ी कंपनी की फ्रेंचाइज़ लेना सबसे आसान और सुरक्षित रास्ता है। इसके लिए आप टाटा पावर (EZ Charge), स्टेटिक, चार्जर, बोल्ट.अर्थ, या कज़ाम जैसी कंपनियों से संपर्क कर सकते हैं ।
फ्रेंचाइज़ लेने का प्रोसेस:
- शर्तें पूरी करें: सबसे पहले आपके पास एक उपयुक्त जगह (अपनी या लीज पर) होनी चाहिए। यह जगह मुख्य सड़क, मॉल या किसी रिहायशी इलाके में हो सकती है ।
- कंपनी से पार्टनरशिप करें: कंपनी आपको चार्जर देगी, उसे इंस्टॉल करेगी, मेंटेनेंस करेगी और सबसे जरूरी, अपने ऐप पर आपके स्टेशन को लाइव करेगी ताकि लोग उसे ढूंढ सकें। वे पेमेंट सिस्टम भी हैंडल करेंगे ।
- अनुमति और बिजली कनेक्शन: कंपनी की मदद से आप स्थानीय निकायों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और बिजली विभाग (DISCOM) से कनेक्शन ले सकते हैं। इसके लिए आपको एक सिंगल-लाइन डायग्राम और जरूरी फीस जमा करनी होगी ।
फ्रेंचाइज़ी और कंपनी के बीच काम का बंटवारा: फ्रेंचाइज़ मॉडल में काम का बंटवारा आमतौर पर तीन तरह से होता है।
- COCO (Company Owned Company Operated): कंपनी पूरा निवेश करती है और आप सिर्फ जमीन देते हैं। आपको किराया मिलता है ।
- FOFO (Franchise Owned Franchise Operated): आप निवेश करते हैं और स्टेशन खुद चलाते हैं। कंपनी को रॉयल्टी देनी होती है ।
- FOCO (Franchise Owned Company Operated): आप निवेश करते हैं, लेकिन कंपनी स्टेशन चलाती है। मुनाफा आपस में बंट जाता है। यह पैसिव इनकम का अच्छा जरिया है ।
6. सही लोकेशन का चुनाव कैसे करें?
Electric Vehicle Charging Station Business आपके बिजनेस की सफलता में लोकेशन का सबसे अहम रोल होता है।
- EV डेंसिटी: उस इलाके में पहले से कितने इलेक्ट्रिक वाहन हैं, इसका डेटा जरूर देखें। वाहन पोर्टल (VAHAN) पर यह जानकारी मिल सकती है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में तेजी से वृद्धि हो रही है, यहाँ कम प्रतिस्पर्धा के साथ बाजार में उतरा जा सकता है ।
- ट्रैफिक और विजिबिलिटी: ऐसी जगह चुनें जहाँ भीड़-भाड़ हो, जैसे मुख्य सड़क, हाईवे, मॉल, होटल, या पेट्रोल पंप। स्टेशन आसानी से दिखना चाहिए ।
- बिजली की उपलब्धता: चुनी गई जगह पर पर्याप्त बिजली लोड की उपलब्धता है या नहीं, यह पहले से DISCOM से पता कर लें ।
7. सरकारी नियम और मानक (Rules and Compliance)
Electric Vehicle Charging Station Business EV चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए अलग से लाइसेंस की आवश्यकता नहीं है। बिजली मंत्रालय ने इसे डी-लाइसेंस्ड कर दिया है । फिर भी कुछ तकनीकी मानकों का पालन करना जरूरी है:
- कनेक्टर स्टैंडर्ड: सरकार ने तय किया है कि AC चार्जिंग के लिए Type-2 (Mennekes) और DC फास्ट चार्जिंग के लिए CCS2 कनेक्टर अनिवार्य है। दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए Bharat AC-001 और Bharat DC-001 का इस्तेमाल किया जा सकता है ।
- सुरक्षा मानक: सभी चार्जर BIS (भारतीय मानक ब्यूरो) और ARAI (Automotive Research Association of India) से प्रमाणित होने चाहिए। आग से बचाव के लिए NOC और नेशनल बिल्डिंग कोड का पालन करना होगा ।
- पेमेंट सिस्टम: हर पब्लिक चार्जिंग स्टेशन पर UPI, क्रेडिट/डेबिट कार्ड या RFID जैसा कोई न कोई डिजिटल पेमेंट सिस्टम होना अनिवार्य है ।
8. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. क्या EV चार्जिंग स्टेशन का बिजनेस फायदेमंद है?
2. चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए कितनी जगह चाहिए?
3. क्या मैं अपने मौजूदा पेट्रोल पंप पर EV चार्जर लगा सकता हूँ?
4. क्या सब्सिडी के लिए आवेदन करना मुश्किल है?
5. क्या मैं सोलर एनर्जी से चार्जिंग स्टेशन चला सकता हूँ?
निष्कर्ष:
Electric Vehicle Charging Station Business 2026 में EV चार्जिंग स्टेशन का बिजनेस सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरत है। सरकार की अनुकूल नीतियां, बढ़ती सब्सिडी, और EVs की बढ़ती संख्या इसे एक सुनहरा अवसर प्रदान करती है। थोड़ी सी प्लानिंग और सही पार्टनरशिप के साथ आप इस तेजी से उभरते हुए सेक्टर में एक सफल उद्यमी बन सकते हैं।

