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Emi Nahi Bhar Paye To Kya Kare Legal Guide

Emi Nahi Bhar Paye To Kya Kare Legal Guide

EMI नहीं भर पाए तो क्या करें? एक व्यापक कानूनी मार्गदर्शिका

भूमिका: EMI चूक की वास्तविकता

Emi Nahi Bhar Paye To Kya Kare Legal Guide भारत में ऋण लेना आज एक आम बात हो गई है। घर, कार, व्यवसाय, शिक्षा या व्यक्तिगत जरूरतों के लिए बैंक और वित्तीय संस्थानों से ऋण लेना सामान्य प्रथा है। परंतु आज की अनिश्चित आर्थिक परिस्थितियों में, कई बार ऋण की किश्तें (EMI) चुकाना मुश्किल हो जाता है। नौकरी जाना, व्यवसाय में नुकसान, स्वास्थ्य समस्याएं या अन्य अप्रत्याशित घटनाएं व्यक्ति सकती हैं।

EMI न चुका पाना केवल एक वित्तीय समस्या नहीं है, बल्कि इसके गंभीर कानूनी परिणाम भी हो सकते हैं। इस लेख में, हम विस्तार से जानेंगे कि यदि आप EMI नहीं भर पा रहे हैं तो क्या करना चाहिए, आपके कानूनी अधिकार क्या हैं, और इस स्थिति से निपटने के व्यावहारिक तरीके क्या हैं।

भाग 1: EMI चूक के तत्काल बाद की कार्रवाई

1.1 घबराएं नहीं, स्थिति का आकलन करें

सबसे पहले, शांत रहें और अपनी वित्तीय स्थिति का ईमानदारी से आकलन करें। यह समझने की कोशिश करें कि यह अस्थायी समस्या है या दीर्घकालिक। अपने सभी ऋणों, आय के स्रोतों और व्यय की सूची बनाएं।

1.2 ऋणदाता से तुरंत संपर्क करें

EMI चूकने के बाद सबसे महत्वपूर्ण कदम है ऋणदाता (बैंक/वित्तीय संस्थान) से संपर्क करना। कई लोग डर के मारे संपर्क करने से बचते हैं, जो स्थिति को और बिगाड़ देता है। ऋणदाता को सूचित करें कि आपको भुगतान में कठिनाई हो रही है और आप समाधान चाहते हैं।

1.3 अपने अधिकारों को जानें

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऋणदाताओं के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं जो उधारकर्ताओं के हितों की रक्षा करते हैं। ऋणदाता EMI चूक के तुरंत बाद कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कर सकता। एक निश्चित प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है।

भाग 2: EMI चूक के कानूनी परिणाम

2.1 क्रेडिट स्कोर पर प्रभाव

EMI चूकने का सबसे पहला और सीधा प्रभाव आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है। एक भी EMI चूकने से आपका क्रेडिट स्कोर गिर सकता है, जो भविष्य में किसी भी ऋण के लिए आपकी योग्यता को प्रभावित करेगा।

2.2 देरी शुल्क और जुर्माना

अधिकांश ऋण समझौतों में देरी शुल्क का प्रावधान होता है। EMI चूकने पर आप पर अतिरिक्त जुर्माना लगाया जा सकता है, जो ऋण की कुल राशि बढ़ा देता है।

2.3 संपत्ति की कब्जा/जब्ती

यदि ऋण संपत्ति (जैसे घर, कार) के बंधक पर लिया गया है, तो लंबे समय तक भुगतान न करने पर ऋणदाता संपत्ति पर कब्जा कर सकता है। हालांकि, इसके लिए एक कानूनी प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है।

2.4 कानूनी कार्यवाही

लंबे समय तक भुगतान न करने पर ऋणदाता आपके खिलाफ मुकदमा दायर कर सकता है। इसमें दीवानी मुकदमे से लेकर आपराधिक मामले (धारा 138 नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के तहत) शामिल हो सकते हैं।

2.5 गारंटर की जिम्मेदारी

यदि ऋण के लिए कोई गारंटर है, तो ऋण चूकने पर गारंटर को भुगतान की जिम्मेदारी लेनी पड़ सकती है। गारंटर की संपत्ति भी जब्त की जा सकती है।

भाग 3: ऋणदाताओं के साथ समाधान के विकल्प

3.1 पुनर्गठन (Restructuring)

कई बैंक ऋण पुनर्गठन की सुविधा प्रदान करते हैं, जिसमें EMI की राशि कम करने के लिए ऋण की अवधि बढ़ाई जा सकती है या ब्याज दर में समायोजन किया जा सकता है।

3.2 स्थगन (Moratorium)

कुछ विशेष परिस्थितियों में (जैसे COVID-19 महामारी के दौरान), RBI ने ऋण भुगतान पर स्थगन की अनुमति दी थी। सामान्य परिस्थितियों में भी, कुछ ऋणदाता अस्थायी स्थगन की सुविधा दे सकते हैं।

3.3 एकमुश्त निपटान (One-Time Settlement)

यदि आप लंबे समय से भुगतान नहीं कर पा रहे हैं, तो आप ऋणदाता से एकमुश्त निपटान की बातचीत कर सकते हैं। इसमें मूल ऋण राशि से कम में समझौता किया जा सकता है।

3.4 ऋण हस्तांतरण (Balance Transfer)

यदि आपका क्रेडिट स्कोर अभी भी अच्छा है, तो आप अन्य बैंक से कम ब्याज दर पर ऋण लेकर मौजूदा ऋण का भुगतान कर सकते हैं।

भाग 4: कानूनी संरक्षण और उपाय

4.1 दिवाला और दिवालियापन संहिता, 2016 (IBC)

यदि आपका ऋण ₹1,000 करोड़ से अधिक है (व्यक्तियों के लिए अलग सीमा), तो दिवाला और दिवालियापन संहिता के तहत समाधान मांगा जा सकता है। हालांकि, यह अधिकांश व्यक्तिगत ऋणों पर लागू नहीं होता।

4.2 सार्क संहिता (SARFAESI Act)

सिक्योरिटीजाइजेशन एंड रिकंस्ट्रक्शन ऑफ फाइनेंशियल एसेट्स एंड एनफोर्समेंट ऑफ सेक्योरिटी इंटरेस्ट (SARFAESI) एक्ट, 2002 के तहत, ऋणदाता बिना कोर्ट के हस्तक्षेप के संपत्ति पर कब्जा कर सकता है, परंतु इसके लिए भी एक निश्चित प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है।

4.3 उपभोक्ता फोरम

यदि आपको लगता है कि ऋणदाता ने अनुचित तरीके अपनाए हैं या आपके साथ अनुचित व्यवहार किया है, तो आप संबंधित उपभोक्ता फोरम में शिकायत कर सकते हैं।

4.4 RBI शिकायत पोर्टल

भारतीय रिजर्व बैंक ने एक एकीकृत शिकायत निवारण तंत्र (RB-IOS) विकसित किया है, जहां आप बैंकों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

भाग 5: व्यावहारिक सलाह और दीर्घकालीन योजना

5.1 वित्तीय सलाहकार से परामर्श

यदि आपकी वित्तीय स्थिति जटिल है, तो पेशेवर वित्तीय सलाहकार से परामर्श करना उचित होगा। वे आपकी आय, व्यय और ऋण का विश्लेषण करके एक व्यावहारिक योजना बना सकते हैं।

5.2 आय बढ़ाने के विकल्प तलाशें

अस्थायी या स्थायी रूप से आय बढ़ाने के तरीके खोजें। फ्रीलांसिंग, पार्ट-टाइम काम, या कौशल विकास के माध्यम से अतिरिक्त आय का स्रोत बनाया जा सकता है।

5.3 व्यय में कटौती

गैर-जरूरी व्यय में कटौती करें और एक सख्त बजट बनाएं। प्राथमिकताएं तय करें और ऋण भुगतान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

5.4 परिवार से सहायता

कई बार परिवार के सदस्य अस्थायी सहायता प्रदान कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए खुले तौर पर चर्चा करना और एक स्पष्ट योजना बनाना महत्वपूर्ण है।

5.5 मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें

वित्तीय तनाव मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। तनाव प्रबंधन के तरीके अपनाएं और यदि आवश्यक हो तो पेशेवर सहायता लें।

भाग 6: विशेष स्थितियाँ और समाधान

6.1 होम लोन EMI चूक

घर का ऋण सबसे बड़ा ऋण होता है। यदि आप होम लोन EMI नहीं भर पा रहे हैं:

6.2 व्यावसायिक ऋण चूक

व्यवसाय के ऋण न चुका पाने की स्थिति में:

6.3 क्रेडिट कार्ड ऋण चूक

क्रेडिट कार्ड ऋण पर ब्याज दर सबसे अधिक होती है:

भाग 7: निवारक उपाय

7.1 आपातकालीन कोष बनाएं

भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए कम से कम 6 महीने के खर्च के बराबर आपातकालीन कोष बनाएं।

7.2 बीमा का महत्व

जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा और ऋण सुरक्षा बीमा लें। ऋण सुरक्षा बीमा अप्रत्याशित परिस्थितियों में EMI भुगतान सुनिश्चित करता है।

7.3 ऋण लेते समय सावधानी

भविष्य में ऋण लेते समय:

7.4 नियमित वित्तीय समीक्षा

मासिक या त्रैमासिक आधार पर अपनी वित्तीय स्थिति की समीक्षा करें और आवश्यक समायोजन करें।

निष्कर्ष

EMI न भर पाना कोई अपराध नहीं है, बल्कि एक वित्तीय समस्या है जिसका समाधान संभव है। महत्वपूर्ण यह है कि आप समस्या से मुँह न मोड़ें, बल्कि सक्रिय रूप से समाधान की तलाश करें। ऋणदाता से खुलकर बातचीत करें, कानूनी अधिकारों को जानें और व्यावहारिक कदम उठाएं। याद रखें, अधिकांश बैंक आपकी ऋण वसूली में रुचि रखते हैं, न कि आपकी संपत्ति जब्त करने में। सही दृष्टिकोण और योजना से आप इस समस्या से उबर सकते हैं और अपने वित्तीय स्वास्थ्य को फिर से स्थापित कर सकते हैं।


पांच अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. EMI चूकने के कितने दिन बाद बैंक कानूनी कार्रवाई शुरू कर सकता है?

के तुरंत बाद बैंक कानूनी कार्रवाई नहीं करता। प्रक्रिया इस प्रकार है:
EMI चूकने के 7-15 दिनों के भीतर: बैंक रिमाइंडर भेजता है
30-60 दिन की चूक: बैंक टेलीफोनिक संपर्क और व्यक्तिगत बैठक करता है
90 दिन की चूक: ऋण को NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) घोषित किया जा सकता है
90 दिन से अधिक: SARFAESI एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की जा सकती है
हालांकि, यह समय सीमा अलग-अलग बैंकों और ऋण के प्रकार में भिन्न हो सकती है।आमतौर पर, एक EMI चूकने

2. क्या EMI न भर पाने पर जेल हो सकती है?

सामान्यतः, EMI न चुकाना एक दीवानी (सिविल) मामला है, जिसमें जेल की सजा नहीं होती। हालांकि, दो स्थितियों में आपराधिक मामला बन सकता है:
यदि आपने चेक द्वारा भुगतान किया था और चेक अनादरित हुआ (धारा 138, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट)
यदि धोखाधड़ी का मामला सिद्ध होता है (जानबूझकर ऋण न चुकाने का इरादा)
अधिकांश मामलों में, बैंक संपत्ति जब्त या ऋण वसूली के लिए दीवानी मुकदमा करते हैं, आपराधिक मामला नहीं।

3. क्या ऋण चूक की स्थिति में गारंटर की संपत्ति भी जब्त हो सकती है?

हाँ, यदि मुख्य उधारकर्ता ऋण नहीं चुका पाता है, तो गारंटर भुगतान के लिए उत्तरदायी होता है। गारंटरशिप समझौते के आधार पर, ऋणदाता:
गारंटर से सीधे भुगतान मांग सकता है
गारंटर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकता है
गारंटर की संपत्ति जब्त कर सकता है
गारंटर बनने से पहले समझौते की शर्तों को ध्यान से पढ़ना और जोखिम को समझना महत्वपूर्ण है।

4. क्या बैंक बिना सूचना के संपत्ति जब्त कर सकता है?

नहीं, SARFAESI एक्ट के तहत भी बैंक को एक निश्चित प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है:
60 दिन की नोटिस अवधि देनी होगी
उधारकर्ता को जवाब देने का अवसर देना होगा
स्थिति का निवारण करने का मौका देना होगा
यदि उधारकर्ता 60 दिन की नोटिस अवधि में भी भुगतान नहीं करता, तभी बैंक संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर सकता है। यह प्रक्रिया केवल उन्हीं ऋणों पर लागू होती है जहां ऋण राशि ₹1 लाख से अधिक है।

5. EMI चूक के बाद क्रेडिट स्कोर कितने समय तक प्रभावित रहता है?

क्रेडिट सूचना कंपनियों (CIBIL, Experian, आदि) के नियमों के अनुसार:
EMI चूक की जानकारी आपके क्रेडिट रिपोर्ट में 7 वर्ष तक रह सकती है
हालांकि, यदि आप बाद में नियमित भुगतान करते हैं, तो क्रेडिट स्कोर धीरे-धीरे सुधरने लगता है
सभी ऋणों का पूरा भुगतान करने के बाद, आपका क्रेडिट इतिहास एक नई शुरुआत कर सकता है
क्रेडिट स्कोर सुधारने के लिए:
सभी भविष्य के भुगतान समय पर करें
क्रेडिट कार्ड बिल पूरा भरें
एक साथ कई नए क्रेडिट के लिए आवेदन न करें
नियमित रूप से अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जांचें और त्रुटियों को सुधारें

अस्वीकरण: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। विशिष्ट मामलों में, योग्य वित्तीय सलाहकार या वकील से परामर्श लें।

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