Ekadashi Kab Hai 2026: इस महीने की एकादशी कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और व्रत का महत्व।

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Ekadashi Kab Hai 2026: इस महीने की एकादशी कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और व्रत करने के नियम!

Introduction:

Ekadashi Kab Hai 2026: हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत सबसे महत्वपूर्ण और पुण्यकारी माना जाता है। भगवान विष्णु की कृपा पाने और जीवन के दुखों को दूर करने के लिए भक्त हर महीने की एकादशी को उपवास रखते हैं। अक्सर लोग यह सर्च करते हैं कि Ekadashi Kab Hai, क्योंकि महीने में दो एकादशी आती हैं—एक शुक्ल पक्ष में और दूसरी कृष्ण पक्ष में।

आज के इस लेख में हम आपको मार्च 2026 में आने वाली एकादशी तिथियों के बारे में बताएंगे और व्रत से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करेंगे।


1. मार्च 2026 में एकादशी की तिथियां (Ekadashi Calendar)

Ekadashi Kab Hai 2026: मार्च 2026 में तीन प्रमुख एकादशी पड़ रही हैं। नीचे दी गई टेबल से आप सही तारीख देख सकते हैं:

एकादशी का नामपक्षतिथि (तारीख)दिन
आमलकी एकादशीशुक्ल पक्ष1 मार्च 2026रविवार
पापमोचिनी एकादशीकृष्ण पक्ष14 मार्च 2026शनिवार
कामदा एकादशीशुक्ल पक्ष29 मार्च 2026रविवार

2. एकादशी का महत्व (Importance of Ekadashi Vrat)

Ekadashi Kab Hai 2026: पुराणों के अनुसार, जो व्यक्ति पूरी श्रद्धा के साथ एकादशी का व्रत रखता है, उसे भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

  • पापों का नाश: यह व्रत व्यक्ति के पिछले जन्मों के पापों को नष्ट करने में सहायक माना जाता है।
  • मन की शुद्धि: यह व्रत उपवास के माध्यम से शरीर और मन को शुद्ध करता है।
  • मोक्ष प्राप्ति: एकादशी का व्रत मनुष्य को जन्म-मरण के चक्र से मुक्त करने में सक्षम माना गया है।

3. एकादशी व्रत की सरल पूजा विधि (Puja Vidhi)

Ekadashi Kab Hai 2026: एकादशी व्रत का लाभ तभी मिलता है जब उसे सही विधि से किया जाए:

  1. दशमी की रात: व्रत से एक दिन पहले सात्विक भोजन करें। प्याज और लहसुन का प्रयोग बिल्कुल न करें।
  2. सुबह का संकल्प: एकादशी की सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और पूजा स्थल को साफ करें। हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें।
  3. भगवान विष्णु की पूजा: भगवान विष्णु की मूर्ति को गंगाजल, पीले फूल, तुलसी दल और फल अर्पित करें।
  4. मंत्र जाप: पूरे दिन ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का मानसिक जाप करें।
  5. रात्रि जागरण: यदि संभव हो, तो रात को भजन-कीर्तन करें।

4. एकादशी व्रत के दौरान क्या करें और क्या न करें?

क्या करें:

  • भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा करें।
  • दान-पुण्य जरूर करें, जैसे अनाज या वस्त्र का दान।
  • सात्विक रहें और मन में क्रोध, ईर्ष्या के विचार न आने दें।

क्या न करें:

  • चावल न खाएं: एकादशी के दिन चावल का सेवन करना शास्त्रों में वर्जित है।
  • तुलसी न तोड़ें: एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए (पहले ही तोड़ कर रखें)।
  • विवाद न करें: घर में क्लेश या लड़ाई-झगड़ा न करें।

5. व्रत पारण का सही समय (Parana Timing)

Ekadashi Kab Hai 2026: एकादशी का व्रत अगले दिन ‘द्वादशी’ तिथि को तोड़ा जाता है। इसे ‘पारण’ कहा जाता है। पारण के समय का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि यदि आप गलत समय पर पारण करते हैं, तो व्रत का फल आधा हो जाता है। हमेशा स्थानीय पंचांग या विश्वसनीय वेबसाइट से पारण का सही मुहूर्त देख लें।


4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1: एकादशी व्रत में क्या खा सकते हैं?

Ans: आप फलाहार (दूध, फल, मेवे, साबूदाना) ले सकते हैं। नमक से परहेज करना चाहिए या केवल ‘सेंधा नमक’ का उपयोग करना चाहिए।

Q2: क्या एकादशी व्रत में पति-पत्नी एक साथ व्रत कर सकते हैं?

Ans: जी हाँ, शास्त्रों के अनुसार, पति-पत्नी एक साथ एकादशी व्रत करके अपनी पारिवारिक उन्नति के लिए प्रार्थना कर सकते हैं।

Q3: अगर व्रत करना भूल जाएं तो क्या करें?

Ans: यदि आप एकादशी व्रत करना भूल गए हैं या बीमार हैं, तो आप भगवान से क्षमा मांग सकते हैं और अगले महीने का व्रत करने का संकल्प ले सकते हैं।


Conclusion: भक्ति और शांति का मार्ग

Ekadashi Kab Hai का उत्तर जानने के बाद अब आप अपनी तैयारी शुरू कर सकते हैं। एकादशी का व्रत केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक अनुशासित तरीका है। यह हमारे मन को शांत रखता है और हमें भगवान के करीब ले जाता है। आने वाली 14 मार्च और 29 मार्च की एकादशी पर आप भी भगवान विष्णु का आशीर्वाद जरूर प्राप्त करें।

एकादशी कब है 2026: इस महीने की एकादशी कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और व्रत का महत्व

Ekadashi Kab Hai 2026: हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत अत्यंत ही पुण्यदायी और मोक्ष प्रदान करने वाला माना गया है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है, जो सृष्टि के पालनहार हैं। प्रत्येक वर्ष में चौबीस एकादशियाँ होती हैं, जो शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को पड़ती हैं। जब अधिकमास या मलमास आता है, तो इनकी संख्या बढ़कर बीस हो जाती है। प्रत्येक एकादशी का अपना विशेष महत्व, नियम और कथा है।

यदि आप जानना चाहते हैं कि2026 में एकादशी कब है, इसका सही मुहूर्त क्या है और व्रत का क्या महत्व है, तो यह लेख आपके लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका है। हम आपको 2026 की प्रमुख एकादशियों की तारीखें, पारण का समय और व्रत से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें बता रहे हैं।

2026 की प्रमुख एकादशियाँ: तारीख और मुहूर्त

Ekadashi Kab Hai 2026: यहाँ 2026 में पड़ने वाली प्रमुख एकादशियों की सूची दी जा रही है। कृपया ध्यान दें कि ये तिथियाँ सामान्य जानकारी पर आधारित हैं और आपके शहर के अनुसार इनमें कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। व्रत रखने से पहले स्थानीय पंचांग अवश्य देख लें।

जनवरी 2026

  • षटतिला एकादशी (Shattila Ekadashi):यह एकादशी माघ माह के कृष्ण पक्ष में आती है। साल 2026 में यह14 जनवरी, बुधवारको है। एकादशी तिथि 13 जनवरी को दोपहर 3:17 बजे शुरू होकर 14 जनवरी को शाम 5:52 बजे समाप्त होगी। व्रत का पारण 15 जनवरी को सुबह 7:15 से 9:21 बजे के बीच किया जाएगा
  • जया एकादशी (Jaya Ekadashi):यह माघ माह के शुक्ल पक्ष में आती है।जया एकादशी 29 जनवरी, गुरुवारको मनाई जाएगी। तिथि का आरंभ 28 जनवरी को शाम 4:35 बजे से होकर 29 जनवरी को दोपहर 1:55 बजे समाप्त होगा। पारण का समय 30 जनवरी को सुबह 7:10 से 9:20 बजे तक रहेगा

फरवरी-मार्च 2026

  • Ekadashi Kab Hai 2026: फाल्गुन कृष्ण पक्ष एकादशी:यह तिथि फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत में आएगी। विजया एकादशी के नाम से प्रसिद्ध यह एकादशीफरवरी, मंगलवार 2026को है।
  • पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi):चैत्र माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली यह एकादशी15 मार्च, रविवारको है। पापमोचनी एकादशी का व्रत सभी पापों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है। इस दिन कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए, जैसे कि तुलसी के पत्ते न तोड़ें और तामसिक भोजन से बचें

मार्च 2026

  • Ekadashi Kab Hai 2026: रंगभरी एकादशी (Rangbhari Ekadashi):फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की यह एकादशी विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के अयोध्या, मथुरा और वृंदावन में धूमधाम से मनाई जाती है। यहफरवरी/मार्च 2026में आती है और इसे होली के उत्सव की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन नागा साधु रंग-गुलाल खेलते हैं
  • चैत्र शुक्ल पक्ष एकादशी (कामदा एकादशी):यह एकादशीमार्च, 2026को पड़ेगी। इसे कामदा एकादशी के नाम से जाना जाता है, जो मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली है।

जून 2026

  • Ekadashi Kab Hai 2026: निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi):यह एकादशी ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में आती है और सबसे कठिन व्रतों में से एक मानी जाती है। इस दिन बिना जल पिए भी व्रत रखने का विधान है। यह26 जून, 2026को है।

जुलाई 2026

  • Ekadashi Kab Hai 2026: देवशयनी एकादशी (Devshayani Ekadashi):आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की इस एकादशी से भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं। यह11 जुलाई, 2026को है। इस दिन से चातुर्मास की शुरुआत मानी जाती है।

अगस्त-सितंबर 2026

  • Ekadashi Kab Hai 2026: जन्माष्टमी (श्रीकृष्ण जन्माष्टमी):यह एकादशी नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। यहसितंबर, 2026को है। अमेरिकी दूतावास के कैलेंडर के अनुसार, यह अवकाश 4 सितंबर को मनाया जाएगा
  • परिवर्तिनी एकादशी:यह एकादशीसितंबर, 2026में आएगी।

अक्टूबर-नवंबर 2026

  • Ekadashi Kab Hai 2026: पापांकुशा एकादशी:आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की यह एकादशीअक्टूबर, 2026में है।
  • प्रबोधिनी एकादशी (देवोत्थान एकादशी):कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की यह एकादशी बेहद खास होती है। इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं। यहनवंबर, 2026में पड़ेगी। इसके अगले दिन दशहरा (दशैं) का त्योहार मनाया जाता है
  • उत्पन्ना एकादशी:यह मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष में आती है औरनवंबर/दिसंबर 2026में मनाई जाएगी।

दिसंबर 2026

  • मोक्षदा एकादशी/वैकुंठ एकादशी (Vaikuntha Ekadashi):यह एकादशी साल की सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में से एक है। मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली यह एकादशी वैकुंठ (भगवान विष्णु का धाम) के द्वार खोलने वाली मानी जाती है। ISKCON बैंगलोर के कैलेंडर के अनुसार,वैकुंठ एकादशी 20 दिसंबर, 2026को है

एकादशी व्रत का महत्व (Significance of Ekadashi Vrat)

Ekadashi Kab Hai 2026: एकादशी का व्रत केवल उपवास मात्र नहीं है, बल्कि यह आत्म-शुद्धि और आत्म-संयम का मार्ग है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी के दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है

प्रत्येक एकादशी का अपना अलग महत्व है:

  • Ekadashi Kab Hai 2026: षटतिला एकादशी:इस दिन तिल (sesame) का छः प्रकार से उपयोग करने का विधान है। तिल से स्नान, तिल का उबटन, तिल का दान, तिल का हवन, तिल का भोजन और तिल का तर्पण करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है
  • जया एकादशी:इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति भूत-प्रेत बाधाओं से मुक्त होता है और उसे स्वर्ग की प्राप्ति होती है। पौराणिक कथा के अनुसार, इस व्रत के प्रभाव से मलयवान और पुष्पवती नामक अप्सरा और गंधर्व को श्राप से मुक्ति मिली थी
  • निर्जला एकादशी:ऐसा माना जाता है कि इस एक दिन के व्रत का फल साल भर की सभी चौबीस एकादशियों के बराबर होता है। इसलिए जो लोग साल भर व्रत नहीं रख पाते, वे इस दिन कठोर व्रत रखकर सभी एकादशियों का पुण्य प्राप्त कर सकते हैं।
  • वैकुंठ एकादशी:इस दिन व्रत रखने और जागरण करने से भगवान विष्णु का विशेष आशीर्वाद मिलता है और मृत्यु के बाद व्यक्ति को वैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है

एकादशी व्रत के नियम और पूजा विधि (Rules and Puja Rituals)

Ekadashi Kab Hai 2026: एकादशी का व्रत रखने के कुछ नियम होते हैं, जिनका पालन करना अत्यंत आवश्यक माना गया है। व्रत को सफल और फलदायी बनाने के लिए इन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

क्या करें (What to Do):

  1. Ekadashi Kab Hai 2026: प्रातः स्नान:एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर गंगा जल या स्वच्छ जल से स्नान करें। यदि संभव हो तो पानी में गंगा जल या तिल मिलाकर स्नान करें
  2. भगवान विष्णु की पूजा:साफ वस्त्र धारण करके भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं। उन्हें पीले फूल, तुलसी दल, चंदन, फल और मिठाई अर्पित करें
  3. व्रत कथा का पाठ:उस दिन विशेष एकादशी की कथा का श्रवण या पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है
  4. मंत्र जाप:“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी कर सकते हैं
  5. जागरण:रात्रि में भजन-कीर्तन करते हुए जागरण करें। इससे व्रत का पुण्य और भी बढ़ जाता है।
  6. दान:इस दिन ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, तिल, फल आदि का दान करना चाहिए। अन्न दान को सबसे श्रेष्ठ दान माना गया है

क्या न करें (What to Avoid):

  1. Ekadashi Kab Hai 2026: अन्न और अनाज का सेवन:एकादशी के दिन चावल, गेहूं, जौ, उड़द की दाल आदि अन्न ग्रहण नहीं करना चाहिए। विशेष रूप से चावल खाना सख्त वर्जित माना गया है
  2. तामसिक भोजन:प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा और अन्य तामसिक चीजों का सेवन पूर्णतः वर्जित है
  3. तुलसी के पत्ते न तोड़ें:एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना वर्जित है। यदि पूजा के लिए आवश्यक हों तो एक दिन पहले ही तोड़ लेने चाहिए या फिर गिरे हुए सूखे पत्तों का उपयोग करना चाहिए
  4. दिन में सोना:इस दिन दिन में सोने की मनाही है। ऐसा करने से व्रत का प्रभाव कम हो जाता है
  5. क्रोध और झूठ:एकादशी के पवित्र दिन क्रोध, वाद-विवाद, झूठ बोलने और हिंसा से दूर रहना चाहिए। मन और वचन दोनों को शुद्ध रखें
  6. बाल कटवाना या दाढ़ी बनवाना:इस दिन केश या नाखून काटना वर्जित माना गया है

पारण का समय और महत्व (Parana Time and Importance)

Ekadashi Kab Hai 2026: एकादशी का व्रत अगले दिन द्वादशी तिथि पर पूरा किया जाता है। व्रत तोड़ने की इस क्रिया कोपारणकहते हैं। पारण का सही समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। शास्त्रों के अनुसार, पारण सूर्योदय के बाद और द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करना चाहिए। ध्यान रखें कि हरि वासर (भगवान विष्णु के विश्राम का समय) समाप्त होने के बाद ही व्रत खोलना चाहिए। गलत समय पर पारण करने से व्रत का पूरा फल नहीं मिलता। इसलिए हमेशा धार्मिक कैलेंडर या पंडित से सही पारण समय की जानकारी ले लेनी चाहिए।

निष्कर्ष

Ekadashi Kab Hai 2026: 2026 में एकादशी के इन पवित्र अवसरों पर भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करें और व्रत के नियमों का पालन करें। यह व्रत न केवल आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है, बल्कि मन और शरीर को भी शुद्ध करता है और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाता है। तो इन तिथियों को नोट कर लें और इस वर्ष की प्रत्येक एकादशी को आत्मिक आनंद और भक्ति भाव के साथ मनाएं।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) – एकादशी व्रत 2026

1. प्रश्न: 2026 में पहली एकादशी कौन सी है और कब है?

उत्तर:2026 की पहली एकादशीषटतिला एकादशीहै, जो14 जनवरी 2026, बुधवारको मनाई जाएगी

2. प्रश्न: 2026 में वैकुंठ एकादशी (मोक्षदा एकादशी) कब है?

उत्तर:2026 में वैकुंठ एकादशी20 दिसंबर 2026को है

3. प्रश्न: एकादशी के दिन क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?

उत्तर:एकादशी के दिन अन्न (विशेषकर चावल, गेहूं और अनाज) खाना वर्जित है। इस दिन फल, दूध, दही, पनीर, साबूदाना, कुट्टू या सिंघाड़े के आटे से बना फलाहार किया जा सकता है। प्याज, लहसुन और तामसिक भोजन से पूरी तरह बचना चाहिए

4. प्रश्न: क्या एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने चाहिए?

Ekadashi Kab Hai 2026: उत्तर:नहीं, एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना जाता है। पूजा के लिए तुलसी दल की आवश्यकता हो तो उसे एक दिन पूर्व ही तोड़ लेना चाहिए

5. प्रश्न: ‘पारण’ का क्या अर्थ है और इसे कब करना चाहिए?

Ekadashi Kab Hai 2026: उत्तर:एकादशी का व्रत खोलने की क्रिया को ‘पारण’ कहते हैं। इसे अगले दिन सूर्योदय के बाद और द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करना चाहिए। सही पारण समय के लिए स्थानीय पंचांग अवश्य देखें






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