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Bal Aadhar Card Online Apply Kaise Kare

Bal Aadhar Card Online Apply Kaise Kare

बाल आधार कार्ड ऑनलाइन आवेदन: एक व्यापक मार्गदर्शिका

Bal Aadhar Card Online Apply Kaise Kare भारत में, आधार कार्ड अब केवल वयस्कों के लिए ही नहीं, बल्कि बच्चों के लिए भी एक महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेज बन गया है। बाल आधार कार्ड जिसे बाल आधार या बच्चों का आधार भी कहा जाता है, पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए जारी किया जाने वाला एक विशेष आधार कार्ड है। यह एक बायोमेट्रिक-सक्षम पहचान प्रमाण है जो देश के भविष्य को डिजिटल सुरक्षा और पहचान प्रदान करता है।

आधार अधिनियम, 2016 के तहत, पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों को बिना बायोमेट्रिक विवरण (अंगुलियों के निशान और आँखों की पुतली का स्कैन) के आधार कार्ड जारी किया जाता है। यह कार्ड बच्चे के जन्म के तुरंत बाद ही बनवाया जा सकता है। जब बच्चा 5 वर्ष का हो जाता है, तो उसके बायोमेट्रिक्स को अपडेट करना अनिवार्य होता है, और फिर 15 वर्ष की आयु में फिर से अपडेट करना होता है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि बच्चे की पहचान सटीक और नवीनतम जानकारी के साथ दर्ज हो।

बाल आधार कार्ड के लाभ एवं आवश्यकता

बाल आधार कार्ड सिर्फ एक पहचान पत्र नहीं है; यह कई सरकारी और निजी सेवाओं का द्वार खोलता है:

  1. स्कूल प्रवेश: अधिकांश स्कूल, विशेषकर केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा संचालित, प्रवेश के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य बना रहे हैं।
  2. सरकारी योजनाओं का लाभ: सुकन्या समृद्धि योजना, मिड-डे मील, टीकाकरण अभियान, और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए बाल आधार आवश्यक है।
  3. बैंक खाता खोलना: बच्चे के नाम पर बैंक खाता या छोटी बचत योजना शुरू करने में यह सहायक होता है।
  4. पासपोर्ट आवेदन: नाबालिग के पासपोर्ट के आवेदन में बाल आधार एक वैध पहचान प्रमाण के रूप में काम आता है।
  5. पहचान का सबूत: यह बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र के साथ-साथ उसकी राष्ट्रीय पहचान का प्रमाण बन जाता है।
  6. बीमा पॉलिसी: बच्चे के नाम पर बीमा पॉलिसी लेते समय भी इसकी आवश्यकता पड़ सकती है।

बाल आधार कार्ड ऑनलाइन आवेदन की विस्तृत प्रक्रिया

बाल आधार कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन एक सुविधाजनक प्रक्रिया है, लेकिन इसमें अंतिम चरण के लिए एक नियुक्ति (अपॉइंटमेंट) लेकर आधार नामांकन केंद्र पर जाना अनिवार्य है। पूरी प्रक्रिया को निम्नलिखित चरणों में समझा जा सकता है:

चरण 1: पात्रता और आवश्यक दस्तावेज तैयार करना

सबसे पहले, सुनिश्चित करें कि बच्चा 5 वर्ष से कम आयु का है। आवश्यक दस्तावेजों की दो प्रतियाँ (एक फोटोकॉपी और एक स्कैन कॉपी) तैयार रखें:

चरण 2: UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना

किसी भी फ़िशिंग या गैर-आधिकारिक वेबसाइट से बचने के लिए, सीधे यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) की आधिकारिक वेबसाइट https://uidai.gov.in/ पर जाएँ। वेबसाइट का हिंदी संस्करण चुनने के लिए ऊपरी दाएँ कोने में भाषा का विकल्प मौजूद है।

चरण 3: अपॉइंटमेंट बुक करना (नामांकन केंद्र की तलाश)

  1. होमपेज पर, “मेरा आधार” टैब पर जाएँ और “बुक एन अपॉइंटमेंट” विकल्प चुनें। आप सीधे इस लिंक पर भी जा सकते हैं: https://appointments.uidai.gov.in/
  2. यहाँ आपको “नामांकन/अपडेशन अपॉइंटमेंट बुक करें” का विकल्प मिलेगा। इसे चुनें।
  3. अब आपको अपना राज्य, जिला और नजदीकी आधार नामांकन केंद्र चुनना होगा। आप पिन कोड के आधार पर भी केंद्र तलाश सकते हैं।
  4. उपलब्ध समय स्लॉट (तारीख और समय) दिखाई देंगे। अपनी सुविधानुसार एक तारीख और समय चुनें।
  5. अपना मोबाइल नंबर (जो माता-पिता के आधार से लिंक है) दर्ज करें और OTP प्राप्त करके वेरिफाई करें।
  6. अपॉइंटमेंट की पुष्टि हो जाएगी और एक अपॉइंटमेंट स्लिप/पुष्टिकरण पीडीएफ जनरेट होगी। इसे डाउनलोड कर लें और उसका प्रिंट निकाल लें। इस पर एक यूनिक अपॉइंटमेंट आईडी (एएनआर) होगी।

नोट: कुछ नामांकन केंद्र वॉक-इन (बिना अपॉइंटमेंट) भी सेवा देते हैं, लेकिन लंबी प्रतीक्षा की संभावना से बचने के लिए अपॉइंटमेंट बुक करना बेहतर है।

चरण 4: ऑनलाइन आवेदन फॉर्म पूर्व-भरना (Pre-Enrollment)

यह चरण वैकल्पिक है, लेकिन अत्यधिक सुझाया जाता है। इससे केंद्र पर समय बचता है और त्रुटियाँ कम होती हैं।

  1. ऑनलाइन आवेदन करें” या “पूर्व-नामांकन (Pre-Enrollment)” का विकल्प चुनें।
  2. एक नया पेज खुलेगा। यहाँ “बाल आधार के लिए पूर्व-नामांकन” का विकल्प चुनें।
  3. आपसे एक पूर्व-नामांकन आईडी (Pre-Enrollment ID) बनाने के लिए कहा जाएगा। सभी आवश्यक विवरण दर्ज करें:
    • बच्चे का पूरा नाम, जन्मतिथि, लिंग।
    • माता-पिता का नाम और उनका 12-अंकीय आधार नंबर।
    • पता और संपर्क विवरण।
  4. दस्तावेजों (जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता का आधार) की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
  5. सभी जानकारी दोबारा जाँच लें और फॉर्म सबमिट कर दें।
  6. सफल सबमिशन पर, एक यूनिक पूर्व-नामांकन आईडी (Pre-Enrollment ID) और एक पीडीएफ फॉर्म जनरेट होगा। इसका प्रिंट निकाल लें और उसे अपने साथ नामांकन केंद्र पर ले जाएँ।

चरण 5: नामांकन केंद्र पर जाकर प्रक्रिया पूरी करना

निर्धारित तारीख और समय पर, माता या पिता (जिसका आधार लिंक किया जा रहा है) को बच्चे के साथ नामांकन केंद्र पर जाना होगा।

  1. अपॉइंटमेंट स्लिप और पूर्व-नामांकन फॉर्म (यदि बनाया है) की प्रिंटेड कॉपी केंद्र के अधिकारी को दें।
  2. सभी मूल दस्तावेजों की जाँच की जाएगी। बच्चे का बायोमेट्रिक (अंगुलियों के निशान और आईरिस) नहीं लिया जाएगा क्योंकि वह 5 वर्ष से कम आयु का है।
  3. हालाँकि, माता या पिता (जिसका आधार लिंक है) के अंगुलियों के निशान या आईरिस स्कैन लिए जा सकते हैं, ताकि संबंध सत्यापित हो सके।
  4. अधिकारी द्वारा आपके द्वारा भरे गए फॉर्म को फाइनल सबमिशन के लिए अपने सिस्टम में दर्ज किया जाएगा।
  5. आपको एक पावती पर्ची (Acknowledgement Slip) दी जाएगी। इसमें एक 14-अंकीय नामांकन आईडी (Enrollment Number) या अपॉइंटमेंट आईडी होगी। इसे सावधानीपूर्वक सुरक्षित रखें। यह आधार स्थिति ट्रैक करने और भविष्य में शिकायत दर्ज करने के काम आएगी।

चरण 6: आधार स्थिति ट्रैक करना और डाउनलोड करना

  1. नामांकन के 60-90 दिनों के भीतर, बाल आधार कार्ड पंजीकृत पते पर डाक के माध्यम से भेज दिया जाता है।
  2. इसकी स्थिति आप ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं। UIDAI वेबसाइट पर “आधार स्थिति जाँचें (Check Aadhar Status)” विकल्प पर जाकर अपना नामांकन आईडी डालें।
  3. यदि आधार जारी हो गया है, तो आप सीधे ई-आधार (E-Aadhar) डाउनलोड कर सकते हैं। “डाउनलोड आधार” विकल्प पर क्लिक करें। नामांकन आईडी या आधार नंबर डालकर, पासवर्ड-सुरक्षित पीडीएफ प्राप्त करें। इस पीडीएफ का पासवर्ड आपके पंजीकृत पिन कोड के पहले 4 अक्षर (कैपिटल में) और जन्म वर्ष (YYYY) का संयोजन होता है।
    • उदाहरण: यदि पिन कोड 110001 है और जन्म वर्ष 2010 है, तो पासवर्ड होगा: DELH2010

महत्वपूर्ण सावधानियाँ एवं टिप्स

निष्कर्ष

बाल आधार कार्ड ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया डिजिटल सुविधा और शारीरिक सत्यापन का एक सहज मिश्रण है। थोड़ी सी पूर्व तैयारी और सही दस्तावेजों के साथ, माता-पिता आसानी से अपने बच्चे के लिए यह महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेज प्राप्त कर सकते हैं। यह न केवल वर्तमान में विभिन्न सेवाओं का लाभ दिलाता है, बल्कि भविष्य में बच्चे के लिए एक मजबूत डिजिटल पहचान की नींव रखता है। सरकार की डिजिटल इंडिया पहल को आगे बढ़ाते हुए, प्रत्येक अभिभावक को अपने बच्चे का बाल आधार अवश्य बनवाना चाहिए।


बाल आधार कार्ड ऑनलाइन आवेदन से संबंधित 5 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या बच्चे के जन्म के तुरंत बाद ही बाल आधार बनवाया जा सकता है?

हाँ, बिल्कुल। जन्म प्रमाण पत्र मिलते ही बाल आधार के लिए आवेदन किया जा सकता है। पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए बायोमेट्रिक स्कैन (अंगुलियों के निशान और आईरिस) की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए नवजात शिशु का भी आधार बन सकता है। केवल माता-पिता के दस्तावेज और बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है।

2. क्या बाल आधार बनवाने के लिए माता और पिता दोनों का आधार कार्ड अनिवार्य है?

नहीं, माता और पिता दोनों का आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है। बाल आधार को माता या पिता में से किसी एक के आधार कार्ड से ही लिंक किया जाता है। आवेदन प्रक्रिया के दौरान केवल उसी अभिभावक को बच्चे के साथ नामांकन केंद्र पर उपस्थित होना आवश्यक है, जिसके आधार को लिंक किया जा रहा है।

3. बच्चे का बाल आधार कार्ड घर आने में कितना समय लगता है? नामांकन आईडी खो जाए तो क्या करें?

सामान्यतः नामांकन की तारीख से 60 से 90 दिनों के भीतर बाल आधार कार्ड पंजीकृत पते पर डाक से पहुँच जाता है। आप ऑनलाइन अपनी नामांकन आईडी से स्थिति भी जाँच सकते हैं। यदि नामांकन पावती पर्ची खो जाए, तो UIDAI वेबसाइट पर “खोई हुई ईआरओ/नामांकन आईडी पुनर्प्राप्त करें (Retrieve Lost EID/Enrolment ID)” विकल्प का उपयोग करें। आपको बच्चे का नाम, जन्मतिथि और पंजीकृत मोबाइल नंबर डालना होगा, जिस पर आईडी पुनः प्राप्त हो जाएगी।

4. क्या बाल आधार कार्ड को डाउनलोड करना वैध है? और अगर कार्ड खो जाए तो क्या करें?

हाँ, UIDAI द्वारा जारी ई-आधार (पासवर्ड-सुरक्षित पीडीएफ) पूरी तरह से वैध है और इसे किसी भी स्थान पर मूल आधार कार्ड की तरह पहचान प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। यदि फिजिकल कार्ड खो जाए या क्षतिग्रस्त हो जाए, तो आप UIDAI वेबसाइट से हमेशा निःशुल्क ई-आधार डाउनलोड कर सकते हैं। एक डुप्लिकेट फिजिकल कार्ड के लिए, आपको ₹50 का शुल्क देकर UIDAI की ऑफिशियल वेबसाइट https://myaadhaar.uidai.gov.in/ से ऑर्डर करना होगा।

5. बच्चे के 5 साल का होने पर बायोमेट्रिक अपडेशन न कराया जाए तो क्या होगा?

जब बच्चा 5 वर्ष का हो जाता है, तो उसका बाल आधार कार्ड अमान्य (Invalid) नहीं होता, लेकिन उसकी स्थिति “बायोमेट्रिक अपडेशन लंबित” में चली जाती है। इस स्थिति में, कार्ड का उपयोग जारी रहता है, लेकिन भविष्य में सेवाओं में समस्या आ सकती है। जब बच्चा 15 वर्ष का होता है, तो बायोमेट्रिक अपडेशन अनिवार्य हो जाता है। बिना अपडेशन के, आधार की वैधता प्रभावित हो सकती है। इसलिए, समय रहते नजदीकी आधार केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक अपडेशन (अंगुलियों के निशान और आईरिस स्कैन) करवाना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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