Aaj Kaun Sa Grahan Hai:आज कौन सा ग्रहण है? 2026 में लगने वाले सूर्य और चंद्र ग्रहण की तारीख, समय और सूतक काल।

Table of Contents

आज कौन सा ग्रहण है? साल 2026 के सभी सूर्य और चंद्र ग्रहण की तारीख, समय और सूतक काल की पूरी जानकारी!

Introduction:

Aaj Kaun Sa Grahan Hai: आकाशमंडल में होने वाली खगोलीय घटनाओं में ‘ग्रहण’ (Eclipse) का विशेष महत्व है। हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण को केवल एक वैज्ञानिक घटना नहीं, बल्कि एक प्रभावशाली ज्योतिषीय घटना माना जाता है। अक्सर लोग गूगल पर सर्च करते हैं— “आज कौन सा ग्रहण है?”

साल 2026 खगोलीय दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस साल कुल चार ग्रहण लगने की संभावना है, जिनमें सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण दोनों शामिल हैं। इस लेख में हम आज के ग्रहण की स्थिति, आने वाले ग्रहणों की सूची और ग्रहण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से जानेंगे।


1. आज के ग्रहण की स्थिति (Status of Today’s Eclipse)

Aaj Kaun Sa Grahan Hai: आज यानी 3 मार्च 2026 की बात करें, तो खगोलीय गणना के अनुसार आज कोई मुख्य सूर्य या चंद्र ग्रहण नहीं है। हालांकि, ग्रहों की स्थिति और गोचर के कारण कुछ राशियों पर ‘ग्रहण योग’ जैसा प्रभाव हो सकता है।

नोट: साल 2026 का पहला मुख्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को (Annular Solar Eclipse) लग चुका है। अब अगला बड़ा ग्रहण 3 मार्च 2026 के आसपास किसी उपच्छाया चंद्र ग्रहण के रूप में हो सकता है (क्षेत्रीय दृश्यता के आधार पर)।


2. साल 2026 के प्रमुख ग्रहणों की सूची (Eclipse List 2026)

Aaj Kaun Sa Grahan Hai: 2026 में होने वाले प्रमुख ग्रहण इस प्रकार हैं:

ग्रहण का प्रकारतिथि (Date)दृश्यता (Visibility)
वलयाकार सूर्य ग्रहण17 फरवरी 2026अंटार्कटिका, दक्षिण अफ्रीका
आंशिक चंद्र ग्रहण3 मार्च 2026प्रशांत महासागर, अमेरिका, एशिया (आंशिक)
पूर्ण सूर्य ग्रहण12 अगस्त 2026यूरोप, उत्तरी अमेरिका, रूस
आंशिक चंद्र ग्रहण28 अगस्त 2026यूरोप, अफ्रीका, अमेरिका

3. सूतक काल: नियम और समय (Sutak Kaal Rules)

Aaj Kaun Sa Grahan Hai: सूतक काल वह समय होता है जब ग्रहण का अशुभ प्रभाव शुरू हो जाता है।

  • सूर्य ग्रहण का सूतक: ग्रहण शुरू होने से 12 घंटे पहले।
  • चंद्र ग्रहण का सूतक: ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले।

सूतक में क्या न करें?

  1. मंदिर के कपाट बंद रखें और मूर्तियों को न छुएं।
  2. भोजन बनाने और खाने से बचें (बीमार, वृद्ध और बच्चों को छोड़कर)।
  3. शुभ कार्यों की शुरुआत न करें।
  4. तुलसी के पत्तों को पहले ही तोड़कर खाने-पीने की चीजों में डाल दें।

4. गर्भवती महिलाओं के लिए सावधानियां (Precautions for Pregnant Ladies)

Aaj Kaun Sa Grahan Hai: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए:

  • नुकीली चीजों का प्रयोग न करें: सुई, कैंची या चाकू का उपयोग वर्जित है।
  • घर के अंदर रहें: ग्रहण की सीधी किरणों से बचने के लिए बाहर न निकलें।
  • मंत्र जाप: ग्रहण के समय ‘ॐ नमः शिवाय’ या संतान गोपाल मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।

5. वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Scientific View)

Aaj Kaun Sa Grahan Hai: वैज्ञानिक रूप से ग्रहण एक छाया का खेल है। जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आता है, तो सूर्य ग्रहण होता है। वहीं जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आती है, तो चंद्र ग्रहण होता है।

$$Earth-Moon-Sun \Rightarrow Solar\ Eclipse$$

$$Sun-Earth-Moon \Rightarrow Lunar\ Eclipse$$


4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1: क्या आज का ग्रहण भारत में दिखाई देगा?

Ans: किसी भी ग्रहण की दृश्यता उसके भौगोलिक पथ (Path) पर निर्भर करती है। 3 मार्च 2026 के चंद्र ग्रहण की दृश्यता भारत के कुछ पूर्वी हिस्सों में आंशिक रूप से हो सकती है।

Q2: क्या ग्रहण के बाद स्नान करना जरूरी है?

Ans: हाँ, हिंदू परंपरा के अनुसार ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव को दूर करने के लिए ग्रहण समाप्त होने के बाद गंगाजल डालकर स्नान करना और दान पुण्य करना शुभ माना जाता है।

Q3: ग्रहण के दौरान क्या देखना सुरक्षित है?

Ans: चंद्र ग्रहण को खुली आंखों से देखा जा सकता है, लेकिन सूर्य ग्रहण को हमेशा विशेष सोलर फिल्टर या प्रमाणित चश्मों (Eclipse Glasses) से ही देखना चाहिए।


Conclusion: खगोल और ज्योतिष का मेल

“आज कौन सा ग्रहण है” यह जानने की जिज्ञासा हमें ब्रह्मांड की विशालता से जोड़ती है। चाहे आप इसे वैज्ञानिक नजरिए से देखें या धार्मिक, सावधानी और सही जानकारी हमेशा फायदेमंद रहती है। अपनी राशि पर विशेष प्रभाव जानने के लिए स्थानीय पंचांग या ज्योतिषी से सलाह जरूर लें।

2026 में ग्रहण: आज का चंद्र ग्रहण और आने वाले सूर्य ग्रहण की पूरी जानकारी (तारीख, समय एवं सूतक काल)

परिचय: आज कौन सा ग्रहण है? (Aaj Kaun Sa Grahan Hai?)

Aaj Kaun Sa Grahan Hai: आज,3 मार्च 2026, को फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) लग रहा है। यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जिसे ‘ब्लड मून’ के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इस दौरान पृथ्वी की छाया चंद्रमा को पूरी तरह ढक लेती है, जिससे चंद्रमा का रंग ताम्र (लाल-भूरा) हो जाता है. यह खगोलीय घटना इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि यह होलिका दहन और होली के त्योहार के साथ संयोग बना रही है, जिसके चलते त्योहार मनाने की तिथि में परिवर्तन किया गया है.

इस लेख में हम आज 3 मार्च 2026 को लगने वाले इस चंद्र ग्रहण की विस्तृत जानकारी दे रहे हैं, साथ ही इस वर्ष लगने वाले अन्य ग्रहणों (अगला सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026) की तारीखों और समय पर भी एक नज़र डालेंगे।

3 मार्च 2026: पूर्ण चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) की तारीख, समय और सूतक काल

Aaj Kaun Sa Grahan Hai: यह ग्रहण भारत में पूरी तरह दिखाई देगा, इसलिए इसके सूतक काल के नियम मान्य होंगे। चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से9 घंटे पहलेशुरू हो जाता है.

3 मार्च 2026 चंद्र ग्रहण का समय एवं सूतक काल 

घटनासमय (आईएसटी)
सूतक काल प्रारंभ (Sutak Start)सुबह 06:20 बजे (लगभग)
सूतक काल समाप्त (Sutak End)शाम 06:47 बजे (ग्रहण समाप्ति के बाद)
चंद्र ग्रहण प्रारंभ (Partial Phase Start)दोपहर 03:20 बजे
पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Eclipse Begins)शाम 05:04 बजे
ग्रहण का चरम बिंदु (Maximum Eclipse)शाम 05:10 बजे के आसपास
पूर्ण ग्रहण समाप्त (Total Eclipse Ends)शाम 05:17 बजे
चंद्रोदय (Moonrise – दिल्ली में)शाम 06:26 बजे 
ग्रहण समाप्त (Partial Phase Ends)शाम 06:47 बजे

महत्वपूर्ण बातें:

  • Aaj Kaun Sa Grahan Hai: भारत में दृश्यता:यह ग्रहण भारत के अधिकांश भागों में दिखाई देगा। हालाँकि, ग्रहण का आंशिक (पीनुम्ब्रल) चरण दोपहर में शुरू हो जाएगा, जब चंद्रमा क्षितिज से नीचे होगा। भारत से ग्रहण कीशुरुआत नहीं देखी जा सकेगी, बल्कि सूर्यास्त के बाद चंद्रोदय होने परग्रहण का आंशिक और समाप्ति चरण दिखाई देगा
  • होली पर प्रभाव:इस ग्रहण के कारणहोलिका दहन 2 मार्चको किया जाएगा औररंगों वाली होली 4 मार्चको मनाई जाएगी

चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें (Do’s and Don’ts During Lunar Eclipse)

Aaj Kaun Sa Grahan Hai: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल के दौरान कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है:

क्या न करें (Don’ts):

  • Aaj Kaun Sa Grahan Hai: भोजन न करें:सूतक काल लगने के बाद (आज सुबह 6:20 बजे से) भोजन पकाने और खाने से परहेज करना चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए यह नियम लचीला हो सकता है
  • मांगलिक कार्य न करें:कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य (जैसे विवाह, गृह प्रवेश) नहीं किए जाते
  • मूर्तियों को न छुएं:घर में रखी देवी-देवताओं की मूर्तियों को स्पर्श न करें। कई लोग मूर्तियों को कपड़े या चादर से ढक देते हैं
  • v बाल न धोएं या नाखून न काटें:इस दौरान श्रृंगार और सफाई से जुड़े ऐसे काम करने से बचना चाहिए

क्या करें (Do’s):

  • मंत्र जाप करें:भगवान का ध्यान करें और मंत्रों का जाप करें। यह समय साधना के लिए सबसे उत्तम माना जाता है
  • Aaj Kaun Sa Grahan Hai: ग्रहण समाप्ति पर स्नान करें:ग्रहण समाप्त होने के बाद (शाम 6:47 बजे के बाद) पूरे शरीर से स्नान अवश्य करें
  • दान करें:ग्रहण के बाद गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करना बहुत शुभ माना जाता है
  • घर की शुद्धि करें:स्नान के बाद घर में गंगाजल छिड़क कर घर और पूजा स्थान को शुद्ध करें

2026 में लगने वाले अन्य ग्रहण (अगस्त सूर्य ग्रहण)

Aaj Kaun Sa Grahan Hai: 3 मार्च के बाद इस साल का अगला महत्वपूर्ण ग्रहण सूर्य ग्रहण होगा।

1. प्रथम सूर्य ग्रहण (17 फरवरी 2026) – बीत चुका है

Aaj Kaun Sa Grahan Hai: यहवलयाकार सूर्य ग्रहण(Ring of Fire Solar Eclipse) था, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं दिया, इसलिए इसका सूतक काल भारत में मान्य नहीं था

2. द्वितीय सूर्य ग्रहण (12 अगस्त 2026)

Aaj Kaun Sa Grahan Hai: यह वर्ष का दूसरा सूर्य ग्रहण होगा। फिलहाल इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है कि यह भारत में दिखेगा या नहीं, लेकिन खगोलीय गणना के अनुसार यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण हो सकता है जो आर्कटिक क्षेत्र, ग्रीनलैंड और यूरोप के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। भारत में इसकी दृश्यता के बारे में जानकारी ग्रहण की तारीख नजदीक आने पर ही स्पष्ट हो पाएगी।

निष्कर्ष

Aaj Kaun Sa Grahan Hai: आज 3 मार्च 2026 का दिन धार्मिक और खगोलीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।पूर्ण चंद्र ग्रहणहोने के कारण सूतक काल सुबह से ही लग गया है। श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार नियमों का पालन करें। ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान-ध्यान कर होली के त्योहार की तैयारी में जुट जाएं, जो कल 4 मार्च को धूमधाम से मनाई जाएगी।


अस्वीकरण: यह जानकारी विभिन्न समाचार रिपोर्टों, पंचांगों और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। ग्रहण से संबंधित नियम और परंपराएं व्यक्तिगत आस्था और स्थानीय रीति-रिवाजों पर निर्भर करती हैं। इस वेबसाइट का उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है।

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