Delhi EV Policy 2.0: दिल्ली में इलेक्ट्रिक गाड़ी लेना हुआ आसान, जानें रजिस्ट्रेशन के नियम

Delhi EV Policy दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने का सोच रहे लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। दिल्ली सरकार जल्द हीईवी पॉलिसी 2.0लागू करने जा रही है, जिसका मकसद राजधानी में प्रदूषण कम करना और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को बढ़ावा देना है। यह नई पॉलिसी पुरानी पॉलिसी की तुलना में ज्यादा लक्षित और प्रभावी है, जिसमें वित्तीय लाभ, स्क्रैपेज सुविधा और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया है। आइए, इस पॉलिसी से जुड़े अहम नियमों और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आसान भाषा में समझते हैं।

Table of Contents

दिल्ली ईवी पॉलिसी 2.0: खास बातें और सब्सिडी

Delhi EV Policy दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए एक महत्वाकांक्षी चार-वर्षीय योजना बनाई है, जिसमें ईवी पॉलिसी 2.0 अहम भूमिका निभाएगी. इस पॉलिसी के तहत अलग-अलग श्रेणियों के वाहनों के लिए अलग-अलग प्रोत्साहन का प्रस्ताव है।

दोपहिया वाहन (Two-Wheelers)

Delhi EV Policy दिल्ली में करीब58 लाख दोपहिया वाहनहैं, जो प्रदूषण का एक बड़ा कारण हैं. नीति इन्हें इलेक्ट्रिक में बदलने पर केंद्रित है।

  • सामान्य खरीदार: प्रस्तावित पॉलिसी के अनुसार, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन (ई-स्कूटर) पर21,000 रुपयेकी सब्सिडी दिए जाने की संभावना है.
  • महिला खरीदार: महिलाओं को इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से उनके लिए यह सब्सिडी बढ़ाकर30,000 रुपयेकरने का प्रस्ताव है.
  • बढ़ा लक्ष्य: सरकार ने अगले तीन वर्षों में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की संख्या को मौजूदा 5 लाख से बढ़ाकर12 लाखकरने का लक्ष्य रखा है.

कारें (Four-Wheelers)

Delhi EV Policy कार खरीदने वालों के लिए भी राहत भरी खबर है, हालांकि सब्सिडी की राशि दोपहिया वाहनों की तुलना में सीमित होगी.

  • कौन पात्र:25 लाख रुपये से कमकीमत वाली निजी इलेक्ट्रिक कारें ही इस सब्सिडी के दायरे में आएंगी.
  • कितनी सब्सिडी: ऐसी कारों पर10,000 रुपये प्रति kWhकी दर से सब्सिडी दी जाएगी, जो अधिकतम1 लाख रुपयेतक हो सकती है। यह लाभ पहले27,000पंजीकरणों के लिए उपलब्ध होगा.

स्क्रैपेज और रेट्रोफिटमेंट का लाभ

Delhi EV Policy यह पॉलिसी न केवल नई गाड़ियां खरीदने बल्कि पुरानी गाड़ियों को हटाने या उन्हें इलेक्ट्रिक में बदलने पर भी जोर देती है।

  • स्क्रैपेज बेनिफिट: अगर आप अपनी पुरानी पेट्रोल या डीजल गाड़ी को स्क्रैप कराते हैं, तो आपको नई इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने पर अतिरिक्त वित्तीय लाभ मिलेगा.
  • रेट्रोफिटमेंट इंसेंटिव: एक अनोखी पहल के तहत, सरकार पुरानी पेट्रोल-डीजल कारों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने (रेट्रोफिट) के लिए50,000 रुपयेका प्रोत्साहन देने की योजना बना रही है। यह सुविधा पहले1,000 वाहनोंके लिए उपलब्ध होगी.

वित्तीय सहायता और ब्याज अनुदान

इलेक्ट्रिक वाहनों को और अधिक किफायती बनाने के लिए सरकार लोन पर भी सब्सिडी दे रही है।

  • ब्याज अनुदान योजना (Interest Subvention Scheme): पात्र ईवी खरीदारों को लोन पर मिलने वाले ब्याज में से5 प्रतिशतकी छूट सरकार द्वारा दी जाएगी.

रजिस्ट्रेशन के नए नियम: क्या है बदलाव?

Delhi EV Policy ईवी पॉलिसी 2.0 का सबसे चर्चित और अहम हिस्सा रजिस्ट्रेशन से जुड़े नियमों में बदलाव है। सरकार ने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के पंजीकरण पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाना अनिवार्य हो जाएगा.

पेट्रोल-सीएनजी दोपहिया वाहनों पर रोक

Delhi EV Policy सबसे बड़ा बदलाव दोपहिया वाहनों के क्षेत्र में देखने को मिलेगा। प्रस्तावित ड्राफ्ट के मुताबिक,15 अगस्त, 2026के बाद दिल्ली में किसी भी नए पेट्रोल, डीजल या सीएनजी दोपहिया वाहन का पंजीकरण नहीं किया जाएगा. यानी उस तारीख के बाद अगर आप दिल्ली में नई स्कूटर या मोटरसाइकिल खरीदना चाहते हैं, तो वह सिर्फ इलेक्ट्रिक ही हो सकती है।

तीसरी कार का नियम (Third Car Rule)

निजी वाहनों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए एक और दिलचस्प प्रस्ताव है।

  • नियम क्या है: जिन परिवारों के पास पहले से दो फॉसिल फ्यूल (पेट्रोल/डीजल) वाहन हैं, उनके लिए तीसरा वाहन सिर्फइलेक्ट्रिक ही खरीदना अनिवार्यहोगा.

ऑटो रिक्शा और कमर्शियल वाहन

कमर्शियल वाहनों को भी इलेक्ट्रिक की ओर ले जाने की सख्त योजना है।

  • सीएनजी ऑटो का अंत:15 अगस्त, 2025से नए सीएनजी ऑटो रिक्शा के पंजीकरण पर रोक लग जाएगी और पुराने परमिट का नवीनीकरण भी नहीं होगा। 10 साल से पुराने सीएनजी ऑटो को या तो स्क्रैप करना होगा या फिर इलेक्ट्रिक में बदलना होगा.
  • माल वाहक (Goods Carriers):15 अगस्त, 2025से नए डीजल, पेट्रोल या सीएनजी तिपहिया माल वाहक वाहनों का पंजीकरण भी बंद कर दिया जाएगा.

सरकारी और सार्वजनिक वाहन

  • कचरा संग्रहण वाहन: एमसीडी, एनडीएमसी और दिल्ली जल बोर्ड के सभी कचरा संग्रहण वाहनों को31 दिसंबर, 2027तक पूरी तरह इलेक्ट्रिक किया जाएगा.
  • सार्वजनिक बसें: डीटीसी की इंट्रा-सिटी बसों की खरीद अब केवल इलेक्ट्रिक बसों के रूप में ही होगी। सरकार का लक्ष्य 2029 तक बसों की कुल संख्या14,000तक पहुंचाना है.

Delhi EV Policy 2.0 (2026): Delhi walo ke liye badi khushkhabri! Electric Vehicles par subsidy aur incentives ki puri jankari.

Delhi EV Policy Dosto, agar aap Delhi mein rehte hain aur ek nayi Electric Vehicle (EV) lene ka plan bana rahe hain, to 2026 aapke liye best saal hone wala hai. Delhi Government ne apni Delhi EV Policy 2.0 ko aur bhi zyada attractive bana diya hai. Is policy ka main maqsad Delhi ko “EV Capital of India” banana hai.

Is article mein hum dekhenge ki Delhi EV Policy 2026 ke under aapko kitni subsidy milegi aur apply karne ka process kya hai.


1. Key Highlights of Delhi EV Policy 2.0

Delhi EV Policy Delhi Government ne 2026 ke liye kuch naye aur bade badlav kiye hain:

  • Higher Subsidy: Two-wheelers ke liye subsidy limit ko ₹30,000 se badhakar ₹40,000 karne ka proposal hai.
  • Special Benefit for Women: Women empowerment ke liye female buyers ko e-scooters par extra discount ya fixed subsidy mil sakti hai.
  • Scrappage Bonus: Agar aap apni purani Petrol ya Diesel gaadi scrap (kabadi) karke nayi EV lete hain, to aapko extra incentives milenge.

2. Vehicle-wise Subsidy Structure (2026)

Vehicle TypeSubsidy RateMax Capping (Limit)
Electric 2-Wheeler₹5,000 per kWhUp to ₹40,000
Electric Auto (E-Rickshaw)Flat ₹30,000Interest subvention of 5%
Electric Car (4W)₹10,000 per kWhUp to ₹1.5 Lakh (For first few units)

3. Road Tax aur Registration Fees Maaf!

Delhi EV Policy Sabse bada fayda ye hai ki Delhi mein EV lene par aapko Road Tax aur Registration Fees nahi deni padti. Isse aapki on-road price seedhe ₹15,000 se ₹50,000 tak kam ho jati hai (depending on the vehicle).


4. How to Apply Online? (Step-by-Step)

Delhi EV Policy Delhi mein subsidy ka process ab puri tarah paperless aur digital ho chuka hai:

  1. Visit Portal: Sabse pehle ev.delhi.gov.in portal par jayein.
  2. Registration: Apne Aadhaar aur RC (Registration Certificate) details se login karein.
  3. Upload Documents: Purchase invoice, bank cancel check, aur identity proof upload karein.
  4. Verification: Transport department aapke details verify karega.
  5. Payment: Approve hote hi subsidy ka paisa direct aapke Aadhaar-linked bank account (DBT) mein credit ho jayega.

5. Charging Infrastructure in 2026

Delhi EV Policy Delhi Government ka target hai ki har 3 KM par ek charging station ho. Agar aap apne ghar ya RWA mein charging point lagwana chahte hain, to government uske liye bhi ₹6,000 tak ki subsidy de rahi hai.


Conclusion

Delhi EV Policy 2026 sirf ek scheme nahi, balki Delhi ki hawa ko saaf karne ka ek bada mission hai. Subsidy, Tax exemption, aur easy charging points ki wajah se ye EV kharidne ka sahi time hai. So, “Switch Delhi” aur pollution kam karne mein apna yogdan dein!


Quick Summary Table

FeatureDetails
Policy NameDelhi EV Policy 2.0
Valid TillThroughout 2026
Official PortalSwitch Delhi (ev.delhi.gov.in)
Main BenefitSubsidy + No Road Tax

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार

Delhi EV Policy इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए सबसे बड़ी चुनौती चार्जिंग की सुविधा है। इस समस्या के समाधान के लिए पॉलिसी 2.0 में बड़े पैमाने पर इंतजाम किए गए हैं।

  • चार्जिंग स्टेशनों की संख्या: सरकार पब्लिक चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों की संख्या को मौजूदा9,000 से बढ़ाकर 36,000करने जा रही है.
  • मोहल्ले स्तर पर चार्जिंग: पॉलिसी में रिहायशी इलाकों में चार्जिंग स्टेशन लगाने पर जोर दिया गया है, ताकि लोगों को चार्जिंग की चिंता न सताए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, लक्ष्य यह है कि ईवी चार्ज करना“मोबाइल फोन चार्ज करने जितना आसान”हो जाए.
  • बैटरी स्टोरेज: बढ़ते लोड को संभालने के लिए 2030 तक 2.5 GWh की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) क्षमता जोड़ने की योजना है.

सब्सिडी का दावा कैसे करें? (How to Claim?)

सब्सिडी अपने आप नहीं मिलती, इसके लिए आपको सही प्रक्रिया का पालन करना होगा। अक्सर लोग छोटी-सी गलती के कारण इस लाभ से वंचित रह जाते हैं .

  • पात्रता: सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आप दिल्ली के निवासी हैं और वाहन का पंजीकरण दिल्ली में ही हो रहा है.
  • प्रक्रिया:
    1. खरीदारी: किसी अधिकृत डीलर से पात्र इलेक्ट्रिक वाहन खरीदें।
    2. पंजीकरण: वाहन को दिल्ली में रजिस्टर कराएं।
    3. आवेदन: आधिकारिक पोर्टल पर सब्सिडी के लिए आवेदन करें और सभी जरूरी दस्तावेज सही-सही अपलोड करें।
    4. ट्रैकिंग: आवेदन की स्थिति को ट्रैक करते रहें।

ध्यान रखें: डीलर पर पूरी तरह निर्भर न रहें। आवेदन में पते की गलती या बैंक विवरण में गलती से दावा खारिज हो सकता है .

निष्कर्ष

दिल्ली ईवी पॉलिसी 2.0 सिर्फ एक प्रोत्साहन योजना नहीं है, बल्कि यह राजधानी में परिवहन के भविष्य को फिर से परिभाषित करने का एक साहसिक कदम है। यह नीति इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को आकर्षक लाभ देती है, साथ ही प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के पंजीकरण पर सख्त प्रतिबंध लगाकर एक साफ और हरित भविष्य का मार्ग प्रशस्त करती है। अगर आप नई गाड़ी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो यह इलेक्ट्रिक वाहन की ओर कदम बढ़ाने का सही समय हो सकता है।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. दिल्ली ईवी पॉलिसी 2.0 के तहत सब्सिडी के लिए कौन पात्र है?

दिल्ली के स्थायी निवासी जो अपना इलेक्ट्रिक वाहन दिल्ली में ही पंजीकृत कराते हैं, वे इस सब्सिडी के पात्र हैं। पॉलिसी की अवधि के दौरान ही खरीदे गए पात्र वाहनों पर ही यह लाभ मिलेगा.

2. क्या इलेक्ट्रिक कारों पर सब्सिडी मिलती है?

हां, मिलती है, लेकिन यह दोपहिया वाहनों की तुलना में सीमित है।25 लाख रुपये से कमकीमत वाली निजी इलेक्ट्रिक कारें पहले27,000पंजीकरणों के लिए अधिकतम1 लाख रुपयेतक की सब्सिडी की पात्र होंगी.

3. क्या सब्सिडी अपने आप मिल जाती है या इसके लिए अलग से आवेदन करना होता है?

नहीं, यह अपने आप नहीं मिलती। वाहन खरीदने और उसे दिल्ली में रजिस्टर कराने के बाद, आपको सरकारी पोर्टल के माध्यम से सब्सिडी के लिएअलग से आवेदन करना होगाऔर सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे.

4. पुरानी पेट्रोल-डीजल कार का क्या कर सकते हैं?

आपके पास दो विकल्प हैं। पहला, आप पुरानी गाड़ी को किसी अधिकृत स्क्रैपिंग सुविधा केंद्र (RVSF) में स्क्रैप करा सकते हैं और नई इलेक्ट्रिक गाड़ी पर स्क्रैपेज बेनिफिट प्राप्त कर सकते हैं. दूसरा, आप पहले1,000 वाहनोंके लिए50,000 रुपयेका प्रोत्साहन लेकर अपनी पुरानी कार को इलेक्ट्रिक वाहन में रेट्रोफिट (बदल) भी सकवा सकते हैं.

5. क्या दिल्ली में अब पेट्रोल की नई गाड़ियां खरीदना बंद हो जाएगा?

हां, प्रस्तावित पॉलिसी के अनुसार,15 अगस्त 2026के बाद दिल्ली में किसी भी नए पेट्रोल, डीजल या सीएनजी दोपहिया वाहन (स्कूटर/मोटरसाइकिल) का पंजीकरण नहीं होगा। कारों पर फिलहाल ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं है, लेकिन तीसरी कार खरीदते समय ईवी खरीदना अनिवार्य होगा.

badaudyog

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